कोई भी व्यक्ति यह चाहता है कि वह अपने जीवन में सफलता के आयाम छुए, लेकिन हर व्यक्ति उसमें सफल नहीं हो पाता है। कुछ लोग ही सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ते हैं। सफलता पाने के लिए या एक सफल शासक, बॉस, टीम लीडर, नेतृत्वकर्ता बनने के लिए व्यक्ति के अंदर कई गुण होने चाहिए। प्रभु श्री राम के चरित्र से हम कई गुण सीख सकते हैं जो आपको सफल होने में सहायक होंगे।
प्रभु श्री राम स्वयं विष्णु के अवतार थे। उनके पास असीम शक्तियां थी, परंतु उन्होंने कभी भी इसका दुरूपयोग नहीं किया। श्रेष्ट धुर्नधर होने पर भी उन्होंने धनुष बाण का उपयोग सिर्फ समय पड़ने पर ही किया। उनका जीवन बहुत ही मर्यादित था। इसलिए ही उन्हें पुरुषोत्तम राम कहा जाता है। प्रभु राम सदैव सही राह पर चले और विनम्रता का परिचय दिया। इसी तरह हमें भी मर्यादित होकर हर कार्य करना चाहिए। ताकि कोई हमें गलत न कह पाए। आप कही पर किसी भी क्षेत्र में हों लोग आपको आपके काम से जज करते हैं।
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भगवान राम और उनके भाई भरत (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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प्रभु श्री राम सदैव सभी को साथ लेकर चले। चाहें वह उनकी पत्नी सीता हो या भाई राम, इनके अलावा श्री राम हनुमान, सुग्रीव, और कई लोगों को साथ लेकर ही लंका पर विजय प्राप्त की। क्योंकि एक सफल बॉस वह नहीं होता जो आदेश दे एक अच्छा या सफल लीडर वह होता है जो सभी का मनोबल बढ़ाए और समय पड़ने पर सभी को अपने आप को सिद्ध करने का मौका दे। जैसे जब राम जी वन में थे तो उन्होंने सभी की बातों और सलाह को माना यहां तक की समय पड़ने पर नेतृत्व करने का दायित्व भी दूसरों के हाथों में सौंप दिया।
राम जी ने हर कार्य को एक योजना के साथ पूरा किया। इसी कारण ही नल नील वानरों की मदद और सभी का साथ लेकर वे समुद्र पर सेतु बनाने में कामयाब रहे। प्रभु श्री राम ने रावण का वध भी पूर्ण योजना के साथ किया। नहीं तो उसे मारना आसान कार्य नहीं था। हमें भी योजना बनाकर ही हर कार्य का आरंभ करना चाहिए। जिससे हम सफल हो सकें। बिना योजना बनाए किया गए कार्य में बहुत बाधाएं आती हैं या वह कार्य बीच में ही अधूरा रह जाता है। अपने लक्ष्य को भेदने के लिए योजना बनाना अति आवश्यक होता है।
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श्री राम मंदिर अयोध्या
- फोटो : अमर उजाला
एक सफल नेतृत्वकर्ता की पहचान होती है कि उसे पता होता है कि उसकी टीम में किसकी क्या योग्यता है प्रभु श्री राम ने सभी को उनकी योग्यता के अनुसार कार्यभार सौंपा और वे हर कार्य में सफल हुए। उन्होंने कई लोगों को दक्षता बढ़ाने के लिए भी कई कार्य सौंपे।