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जानिए क्यों मुसलमान करते हैं इस शक्तिपीठ की पूजा

Sun, 19 Nov 2017 08:34 AM IST
amarujala.com-presented by: किरण सिंह
amarujala.com-presented by: किरण सिंह Updated Sun, 19 Nov 2017 08:34 AM IST
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know story of Hinglaj Devi or Hingula Devi or Nani Mandir in Balochistan at pakistan

माता की एक झलक पाने के लिए मंदिरों के बाहर भक्तों की लंबी कतारे लगी रहती है और अगर वो मां का शक्तिपीठ है तो उसकी तो बात ही अलग है। वैसे तो माता सभी के दुखों को कम करती हैं, लेकिन एक शक्तिपीठ ऐसा भी है जो हिन्दू मुसलमान के भेदभाव को मिटाती है।



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इस मंदिर में जाने के लिए आपको पाकिस्तान सरकार की इजाजत लेनी पड़ेगी। माता का ये शक्तिपीठ हिंगजाल देवी के नाम से जाना जाता है। जो बलूचिस्तान राज्य में स्थित हैं। पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु के चक्र से कटकर यहां पर देवी सती का सिर गिरा था। इसलिए यह स्थान चमत्कारी और दिव्य माना जाता है। 

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पाकिस्तान में देवी हिंगलाज को नानी का मंदिर और नानी का हज भी कहते हैं। इस स्थान पर आकर हिंदू और मुसलमान का भेद भाव मिट जाता है। दोनों ही भक्ति पूर्वक माता की पूजा करते हैं।

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ब्रह्मवैवर्त पुराण में कहा गया है कि जो एक बार माता हिंगलाज के दर्शन कर लेता है, उसे पूर्वजन्म के कर्मों का दंड नहीं भुगतना पड़ता है। मान्यता है कि परशुराम जी द्वारा 21 बार क्षत्रियों का अंत किए जाने पर बचे हुए क्षत्रियों ने माता हिंगलाज से प्राण रक्षा की प्रार्थना की। माता ने क्षत्रियों को ब्रह्मक्षत्रिय बना दिया, इससे परशुराम से इन्हें अभय दान मिल गया।

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एक मान्यता यह भी है कि रावण के वध के बाद भगवान राम को ब्रह्म हत्या का पाप लगा। इस पाप से मुक्ति पाने के लिए भगवान राम ने भी हिंगलाज देवी की यात्रा की थी। राम ने यहां पर एक यज्ञ भी किया था। माता हिंगलाज माता वैष्णों की तरह एक गुफा में बैठी हैं। 

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