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कपर्दिश विनायक चतुर्थी व्रत: जानें गणपति पूजन का मुहूर्त, चंद्र दर्शन का समय और धार्मिक महत्व

Mon, 05 Oct 2026 09:31 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 05 Oct 2026 09:31 AM IST
सार

Kapardish Vinayak Chaturthi 2026: कपर्दिश विनायक चतुर्थी का व्रत 14 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश के तपस्वी स्वरूप कपर्दिश की पूजा की जाती है। जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, वर्जित चंद्रदर्शन का समय, पूजा विधि और व्रत कथा।

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Kapardish Vinayak Chaturthi 2026 Date Puja Muhurat Vrat Katha and Significance
कपर्दिश चतुर्थी - फोटो : amar ujala

Kapardish Vinayak Chaturthi 2026: भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि-विवेक का देवता माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। अक्टूबर 2026 में आने वाली चतुर्थी को भगवान गणेश के कपर्दिश स्वरूप की पूजा की जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार कपर्दिश गणेश का संबंध तप, ज्ञान, वैराग्य और आत्मसंयम से है। इस बार कपर्दिश विनायक चतुर्थी का व्रत 14 अक्टूबर 2026, बुधवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा करने के साथ व्रत रखा जाता है। आइए जानते हैं कपर्दिश विनायक चतुर्थी की सही तिथि, पूजा का शुभ समय, चंद्रदर्शन का वर्जित समय, धार्मिक महत्व और पूजा विधि।

Kapardish Vinayak Chaturthi 2026 Date Puja Muhurat Vrat Katha and Significance
कपर्दिश विनायक चतुर्थी - फोटो : freepik

कपर्दिश विनायक चतुर्थी कब है?
पंचांग के अनुसार अक्टूबर महीने की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि 13 अक्टूबर 2026 की रात 11 बजकर 27 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 15 अक्टूबर 2026 की रात 1 बजकर 13 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर कपर्दिश विनायक चतुर्थी का व्रत 14 अक्टूबर को रखा जाएगा।

Kapardish Vinayak Chaturthi 2026 Date Puja Muhurat Vrat Katha and Significance
कपर्दिश विनायक चतुर्थी के प्रमुख मुहूर्त - फोटो : free pik

कपर्दिश विनायक चतुर्थी के प्रमुख मुहूर्त

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 13 अक्टूबर, रात 11:27 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 15 अक्टूबर, रात 1:13 बजे
  • गणेश पूजा का मध्याह्न मुहूर्त: 14 अक्टूबर, सुबह 10:58 बजे से दोपहर 1:16 बजे तक
  • पूजा की अवधि: 2 घंटे 18 मिनट
  • चंद्रदर्शन से बचने का समय: 14 अक्टूबर, सुबह 9:49 बजे से शाम 7:57 बजे तक
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Kapardish Vinayak Chaturthi 2026 Date Puja Muhurat Vrat Katha and Significance
कपर्द का संबंध जटाओं से और ईश का अर्थ स्वामी या भगवान से माना जाता है। - फोटो : freepik

क्या है कपर्दिश विनायक का अर्थ?
‘कपर्दिश’ नाम को संस्कृत के ‘कपर्द’ और ‘ईश’ शब्दों से जोड़कर देखा जाता है। कपर्द का संबंध जटाओं से और ईश का अर्थ स्वामी या भगवान से माना जाता है। भगवान शिव को भी कपर्दी कहा जाता है, क्योंकि वे जटाधारी स्वरूप में विराजमान हैं। इसी आधार पर कपर्दिश गणेश को भगवान गणेश के ऐसे स्वरूप के रूप में देखा जाता है, जिसमें शिव तत्व और तपस्वी भाव का विशेष समावेश माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में यह स्वरूप ज्ञान, आत्मसंयम और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है।

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Kapardish Vinayak Chaturthi 2026 Date Puja Muhurat Vrat Katha and Significance
कपर्दिश विनायक का उल्लेख काशी के 56 विनायकों की धार्मिक परंपरा से भी जोड़ा जाता है। - फोटो : amarujala

काशी के 56 विनायकों से क्या संबंध है?
कपर्दिश विनायक का उल्लेख काशी के 56 विनायकों की धार्मिक परंपरा से भी जोड़ा जाता है। काशी में भगवान गणेश के विभिन्न विनायक स्वरूपों की पूजा की परंपरा रही है और प्रत्येक स्वरूप का अपना धार्मिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि कपर्दिश विनायक की आराधना व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में धैर्य और विवेक बनाए रखने की प्रेरणा देती है। विशेष रूप से मानसिक उलझनों और जीवन की बाधाओं से मुक्ति के लिए इस स्वरूप की पूजा को फलदायी माना जाता है।

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