8 अप्रैल यानी रविवार के दिन वैशाख मास की अष्टमी तिथि पड़ रही है, कालाष्टमी भी कहते हैं। रविवार का दिन कालभैरव का माना जाता है और रविवार के दिन कालाष्टमी पड़ने से इसका महत्व बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
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8 अप्रैल के दिन बन रहा है दुर्लभ संयोग, बिजनेस में चाहिए सफलता तो करें छोटा सा उपाय
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Apr 2018 06:02 PM IST
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kalashtami
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इस योग की वजह से देव गुरु बृहस्पति तुला राशि में और दैत्य गुरु शुक्र मेष राशि में एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे। जब ऐसी स्थिति बनती है तो तंत्र शक्तियों के प्रयोग शीघ्र फल देने वाले होते हैं।
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यह रात तांत्रिकों के लिए बहुत खास होती है। कहा जाता है कि इस दिन किए गए उपाय काफी अचूक होते हैं। तो अगर आप भी अपने बिजनेस धीमी रफ्तार को बढ़ाना चाहते हैं तो इन आसान उपायों को कर के मनचाही सफलता पा सकते हैं।
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सूर्यास्त के बाद साबुत उड़द, लाल फूल, लाल मिठाई, एक लोटा जल और नींबू को कालभैरव बाबा को अर्पित करें तो बहुत लाभ होगा।
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बाबा कालभैरव
- फोटो : अमर उजाला
रात होने पर बाबा कालभैरव को सवा सौ ग्राम काली उड़द अर्पित करें। फिर पुष्प, माला चढ़ाकर और दीपक जलाकर पूजा करें। इसके साथ ही इस मंत्र का जप करें तो सभी दुखों से मुक्ति मिल सकती है। नीचे है मंत्र-
॥ऊं भ्रं काल भैरवाय फट॥
।। ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:।।
|| ॐ भयहरणं च भैरव: ||
पूजा खत्म होने के बाद जो आपने उड़द चढ़ाई है उसमें से 11 दानें निकालकर अपनी दुकान अथवा कार्यस्थल पर बिखेर दें।
॥ऊं भ्रं काल भैरवाय फट॥
।। ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:।।
|| ॐ भयहरणं च भैरव: ||
पूजा खत्म होने के बाद जो आपने उड़द चढ़ाई है उसमें से 11 दानें निकालकर अपनी दुकान अथवा कार्यस्थल पर बिखेर दें।