Kaal Bhairav Jayanti 2021: प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का व्रत किया जाता है, लेकिन मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव जयंती के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान कालभैरव का अवतरण हुआ था। इस साल कालभैरव जयंती 27 नवंबर, शनिवार को मनाई जाएगी। मान्यता है कि जो व्यक्ति काल भैरव जयंती के दिन काल भैरव जी की विधिवत श्रद्धा से पूजा करता है, उससे वे प्रसन्न होते हैं। साथ ही भैरवजी की पूजा से भूत-प्रेत, नकारात्मक शक्तियां और ऊपरी बाधा आदि जैसी समस्याएं भी दूर होती हैं। इन्हें भगवान शिव का पंचम अवतार माना जाता है। भैरवजी का रूप भयानक जरूर है लेकिन भक्तिभाव से जो भी इनकी उपासना करता है भगवान सदैव उसकी रक्षा करते हैं और अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं, लेकिन दूसरी ओर यदि भैरव नाराज हो जाएं तो अनिष्ट भी हो सकता है। ध्यान रहे कि भैरवजी की पूजा में क्या करें जिससे वह प्रसन्न हो जाएं और क्या नहीं करें।
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Kaal Bhairav Jayanti 2021: शिवस्वरूप भगवान कालभैरव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें और क्या न करें
Mon, 22 Nov 2021 02:01 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 22 Nov 2021 02:01 PM IST
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kaal bhairav ashtami 2021: इन्हें भगवान शिव का पंचम अवतार माना जाता है। भैरवजी का रूप भयानक जरूर है लेकिन भक्तिभाव से जो भी इनकी उपासना करता है भगवान सदैव उसकी रक्षा करते हैं।
- फोटो : अमर उजाला
कमच्छा स्थित बटुक भैरव मंदिर का रुद्राक्ष श्रंगार।
- फोटो : अमर उजाला
क्या करें -
- कालभैरव जयंती के दिन पूजा आदि करने से व्यक्ति को भय से मुक्ति प्राप्त होती है। इतना ही नहीं कालभैरव की पूजा करने से ग्रह बाधा और शत्रु बाधा दोनों से ही मुक्ति मिलती है। भगवान काल भैरव जी की कृपा पाने के लिए और उनकी अनुकम्पा प्राप्त करने के लिए कालाष्टमी के दिन से भगवान भैरव की प्रतिमा के आगे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। भगवान काल भैरव को काले तिल, उड़द और सरसों का तेल का दीपक अर्पित करना चाहिए साथ ही मंत्रों के जाप के साथ ही उनकी विधिवत पूजा करने से वह प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है।
- इस दिन श्रद्धानुसार साबुत बिल्बपत्रों पर लाल या सफ़ेद चंदन से 'ॐ नमः शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।बिल्बपत्र अर्पित करते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुख करें। इस तरह पूजा करने से काल भैरव प्रसन्न होकर आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे।
Baba Kaal Bhairav
- फोटो : Social Media
- भगवान कालभैरव का वाहन कुत्ता है,इसलिए भैरव की कृपा पाने के लिए इस दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी अथवा गुड़ के पुए खिलाएं।ऐसा करने से आपके जीवन से कष्टों का निवारण होगा ।
- भगवान कालभैरव की उपासना से भूत,प्रेत एवं ऊपरी बाधाएं दूर होती हैं।सभी नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा पाने के लिए इस दिन ॐ कालभैरवाय नम: का जप एवं कालभैरवाष्टक का पाठ करना चाहिए।
- भैरव की कृपा पाने के लिए इस दिन किसी भी भैरव मंदिर में गुलाब, चंदन और गुगल की खुशबूदार अगरबत्ती जलाएं। पांच या सात नींबू की माला भैरव जी को चढ़ाएं।गरीब और बेसहारा लोगों को गर्म कपड़े दान करें।
- कालाष्टमी व्रत बहुत ही फलदायी मानी जाती है। इस दिन व्रत रखकर पूरे विधि-विधान से काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति के सारे कष्ट मिट जाते हैं। काल उससे दूर हो जाता है।
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kaal bhairav kashi
ऐसा बिल्कुल न करें-
- काल भैरव अष्टमी के दिन झूठ बोलने एवं किसी के साथ धोखा करने से बचें ,ऐसा करने से आपको हानि हो सकती है।
- गृहस्थ लोगों को भगवान भैरव की तामसिक पूजा नहीं करना चाहिए। आमतौर पर बटुक भैरव की ही पूजा करनी चाहिए क्योंकि यह इनका सौम्य स्वरुप है।
- किसी भी पशु जैसे कुत्ते,गाय आदि के साथ हिंसक व्यवहार भूलकर भी न करें।
- कालभैरव की पूजा कभी भी किसी का बुरा होने के लिए न करें,ऐसा करने से भगवान का क्रोध आपको झेलना पड़ सकता है।