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Jagannath Temple Mystery: जगन्नाथ मंदिर की तीसरी सीढ़ी पर नहीं रखते पैर? जानें इसके पीछे का रहस्य

Fri, 27 Jun 2025 10:18 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Fri, 27 Jun 2025 10:18 AM IST
सार

Jagannath Mandir Facts: पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तीसरी सीढ़ी को अत्यंत पवित्र माना जाता है, जिस पर पैर रखना वर्जित है। मान्यता है कि यहाँ भगवान विष्णु के चरण पड़े थे, इसलिए इसे स्पर्श करना भी अनुचित माना जाता है।

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Jagannath Temple Mystery Why Don’t Step on Third Stair of Jagannath Temple Know Secret in Hindi
जगन्नाथ मंदिर में तीसरी सीढ़ी पर पैर न रखने की परंपरा - फोटो : adobe stock

Spiritual Secrets Of Jagannath Temple: भगवान जगन्नाथ को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, जिनकी पूजा उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ की जाती है। देशभर में उनके कई मंदिर हैं, लेकिन पुरी (ओडिशा) का जगन्नाथ मंदिर सबसे प्रमुख और पवित्र माना जाता है। यह मंदिर चार धामों में से एक है और यहां हर वर्ष आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष में भव्य रथ यात्रा निकाली जाती है। इस यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। मान्यता है कि इस उत्सव में भाग लेने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।


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पुरी का जगन्नाथ मंदिर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके साथ जुड़े अनेक रहस्य भी लोगों को आश्चर्यचकित करते हैं। मंदिर की संरचना, इसकी परंपराएं और विशेष नियम जैसे तीसरी सीढ़ी पर पैर न रखने की परंपरा इसे और भी रहस्यमयी बनाते हैं। श्रद्धालुओं में इन रहस्यों को जानने की उत्सुकता हमेशा बनी रहती है, जिससे यह मंदिर आस्था के साथ-साथ जिज्ञासा का भी केंद्र बना हुआ है। इस रहस्य का सीधा संबंध यमराज से माना जाता है। आइए जानते हैं विस्तार से।
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Jagannath Temple Mystery Why Don’t Step on Third Stair of Jagannath Temple Know Secret in Hindi
जगन्नाथ रथ यात्रा - फोटो : Adobe Stock

जगन्नाथ पुरी आध्यात्मिक महत्व
जगन्नाथ पुरी को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से पृथ्वी का वैकुंठ कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि यहां भगवान श्रीहरि का वास है। भक्तों की यह आस्था है कि इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन मात्र से ही व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मुक्ति मिलती है। इसलिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर साल यहां दर्शन के लिए आते हैं। भगवान जगन्नाथ के दर्शन को अत्यंत पवित्र और फलदायक माना जाता है। आषाढ़ महीने में निकलने वाली रथ यात्रा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसमें श्रद्धालु न केवल भगवान की भव्य झांकी देखते हैं बल्कि पापों से मुक्ति पाने की कामना भी करते हैं। ऐसा विश्वास है कि इस मंदिर के अंदर से होकर गुजरने से और भगवान के सामने आने से जीवन के सारे दुख और बाधाएं दूर हो जाती हैं।

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जगन्नाथ मंदिर की कुल 22 सीढ़ियां हैं जिनमें तीसरी सीढ़ी को विशेष पवित्रता प्राप्त है - फोटो : ANI

तीसरी सीढ़ी का रहस्य
जगन्नाथ मंदिर की कुल 22 सीढ़ियां हैं जिनमें तीसरी सीढ़ी को विशेष पवित्रता प्राप्त है और इसे यम शिला कहा जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक बार यमराज भगवान जगन्नाथ से मिलने आए। यमराज ने बताया कि इस मंदिर में दर्शन करने वाले को यमलोक नहीं जाना पड़ता। तब भगवान जगन्नाथ ने यमराज के लिए तीसरी सीढ़ी को उनका विशेष स्थान देते हुए इसे यम शिला घोषित किया।

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Jagannath Temple Mystery Why Don’t Step on Third Stair of Jagannath Temple Know Secret in Hindi
मंदिर में यह नियम बना कि किसी भी श्रद्धालु या पुजारी को तीसरी सीढ़ी पर पैर नहीं रखना चाहिए। - फोटो : ANI

तीसरी सीढ़ी पर पैर न रखने का नियम
कहते हैं कि जो भी भक्त भगवान जगन्नाथ के दर्शन के बाद इस तीसरी सीढ़ी पर पैर रखता है उसके सारे पाप जरूर धुल जाते हैं, लेकिन उसे यमलोक अर्थात मृत्यु लोक जाना पड़ता है। इसलिए मंदिर में यह नियम बना कि किसी भी श्रद्धालु या पुजारी को तीसरी सीढ़ी पर पैर नहीं रखना चाहिए। यह नियम भक्तों की रक्षा और उनकी आत्मा की मुक्ति के लिए बनाया गया है। तीसरी सीढ़ी को यमराज से जोड़ने की यह कथा मंदिर की पवित्रता और रहस्यमयता को बढ़ाती है। इससे मंदिर में श्रद्धालुओं का विश्वास और आस्था और गहरा होती है। यह नियम केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक परंपराओं का भी हिस्सा बन गया है। हर भक्त इसे सम्मान के साथ मानता है और मंदिर के नियमों का पालन करता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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