Jagannath Puri Temple Facts: उड़ीसा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर भारत के चार पवित्र धामों में से एक है। यहां हर साल आषाढ़ में भव्य रथयात्रा निकाली जाती है। इस रथयात्रा में देश के कोने-कोने से लोग पहुंचते हैं। जगन्नाथ मंदिर में भगवान कृष्ण ही जगन्नाथ के नाम से विराजमान हैं। यहां उनके साथ उनके ज्येष्ठ भ्राता बलराम और बहन सुभद्रा भी हैं। आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को शुरू होने वाली रथयात्रा में रथ को किसी मशीन या जानवर के द्वारा नहीं बल्कि भक्तों द्वारा खींचा जाता है। पुरी में भगवान जगन्नाथ के अलावा बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा की प्रतिमाएं काष्ठ की बनी हुई हैं। ताज्जुब की पहली बात ये कि तीनों की प्रतिमाएं अधूरी हैं और दूसरा ताज्जुब ये कि मंदिर की कोई परछाई नहीं बनती। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों ये मूर्तियां अधूरी रह गईं और क्यों जगन्नाथ भगवान की अधूरी मूर्ति की पूजा की जाती है...
Jagannath Rath Yatra 2022: आखिर क्यों पुरी के भगवान जगन्नाथ की मूर्तियां रह गईं अधूरी? जानिए क्या है पौराणिक मान्यता
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
Published by: आशिकी पटेल
Updated Fri, 01 Jul 2022 10:54 AM IST
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