बजरंगबली शक्ति, भक्ति और सेवा के प्रतीक माने जाते हैं। उनकी पूजा से व्यक्ति में हिम्मत, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हनुमान जन्मोत्सव हिंदू धर्म का एक सबसे पावन त्यौहार है, जो हनुमान जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस बार हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल को है। त्रेता युग में जन्मे हनुमान जी को चारों युगों के दाता भी कहा जाता है। त्रेता युग की लंका-विजय के नायक, राम भक्त, ब्रह्मचारी और शक्ति के प्रतीक हनुमान जी को कलियुग में भी अमर माना गया है। यह विश्वास मात्र नहीं, बल्कि अनुभव है उन संतों और भक्तों का, जिन्होंने समय-समय पर उनकी उपस्थिति को अनुभव किया है। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन संतों ने हनुमान जी की उपस्थिति को अनुभव किया है और आखिर कलियुग में आप हनुमान जी के दर्शन कैसे कर सकते हैं।
Hanuman Janmotsav: इन संतों को मिला है हनुमान जी का आशीर्वाद, जानें कलियुग में कैसे होंगे बजरंगबली के दर्शन?
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Fri, 11 Apr 2025 09:57 AM IST
सार
Hanuman Ji Ke Darshan Kaise Honge: हनुमान जी को कलियुग में भी अमर माना गया है। यह विश्वास मात्र नहीं, बल्कि अनुभव है उन संतों और भक्तों का, जिन्होंने समय-समय पर उनकी उपस्थिति को अनुभव किया है। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन संतों ने हनुमान जी की उपस्थिति को अनुभव किया है।
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