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मोक्षदा एकादशी 2020: मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी को इसलिए मनाई जाती है गीता जयंती

Fri, 18 Dec 2020 06:43 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Fri, 18 Dec 2020 06:43 PM IST
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Geeta Jayanti 2020 celebrate in mokshada ekadashi 2020
गीता जयंती 2020 - फोटो : सोशल मीडिया

मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु जी की कृपा और मोक्ष पाने के लिए व्रत किया जाता है। इस साल मोक्षदा एकादशी व्रत 25 दिसंबर को रखा जाएगा। शास्त्रों में इस एकादशी को मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी माना गया है। इस एकादशी का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन का मोह भंग करने के लिए मोक्ष प्रदायिनी भागवत गीता का उपदेश दिया था। इसलिए इस दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है।

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मोक्षदा एकादशी का रखें व्रत
मोक्षदा एकादशी के दिन भागवत गीता की पूजा करके आरती करनी चाहिए, इसके पश्चात गीता का पाठ करना चाहिए। इससे महापुण्य की प्राप्त होती है। शास्त्रों में बताया गया है कि जो व्यक्ति इस एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करता है और भागवत गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करता है उसके कई जन्मों के पाप कट जाते हैं। भगवत गीता में अठारह अध्याय हैं। इनमें ग्यारहवें अध्याय में भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को विश्वरूप के दर्शन का वर्णन किया गया है। 
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Geeta Jayanti 2020 celebrate in mokshada ekadashi 2020
मोक्षदा एकादशी व्रत 2020 - फोटो : सोशल मीडिया

श्रीमद् भागवत गीता का ग्यारहवां अध्याय
श्रीमद् भागवत गीता के 11वें अध्याय में बताया गया है कि अर्जुन ने भगवान श्री कृष्ण को संपूर्ण ब्रह्माण्ड में व्याप्त देखा। श्री कृष्ण में ही अर्जुन ने भगवान शिव, ब्रह्मा एवं जीवन मृत्यु के चक्र को भी देखा। इस अध्याय में भगवान श्री कृष्ण अपने परब्रह्म रूप को व्यक्त करते हैं, जिसे देखकर अर्जुन का मोह भंग हो गया और वह युद्ध करने के लिए तैयार हो गए। इसलिए इस अध्याय का नियमित पाठ बड़ा ही उत्तम फलदायी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति नियमित गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करता है, उसे भगवान विष्णु के दर्शन का पुण्य प्राप्त होता है। ऐसे व्यक्ति की आत्मा मृत्यु के पश्चात परमात्मा के स्वरूप में विलीन हो जाती है अर्थात उन्हें मोक्ष मिल जाता है।

Geeta Jayanti 2020 celebrate in mokshada ekadashi 2020
गीता जयंती 2020 - फोटो : यूट्यूब

हिन्दू धर्म का प्रमुख ग्रंथ है भागवत गीता
भागवत गीता हिन्दू धर्म का बहुत ही प्रमुख ग्रंथ है। महाभारत युद्ध में जब पांडव और कौरव आमने-सामने हुए थे तो अपने सगे संबंधियों के खिलाफ शस्त्र उठाने को लेकर अर्जुन असमंजस में पड़ गए। अर्जुन को इस मोह और दुविधा से निकालने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को नीति ज्ञान दिया। इस नीति ज्ञान का संकलन भगवत गीता के नाम से जाना जाता है। 

श्री कृष्ण के मुख कही गई बातों का संकलन होने के कारण इसे भगवान की वाणी भी माना जाता है। अठारह अध्याय में संकलित भगवद गीता दर्शनशास्त्र का अद्भुत संकलन है, जो मनुष्य को कर्म करते हुए मोक्ष प्राप्ति की राह दिखाता है। माना जाता है कि मोक्षदा एकादशी के दिन जो व्यक्ति गीता का पाठ करता है उसे पूर्व में किए कई पापों से मुक्ति मिल जाती है।

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