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गरुड़ पुराण की इन बातों को ध्यान रखेंगे तो नहीं होगा धन का अभाव

Thu, 02 Jul 2020 07:31 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Thu, 02 Jul 2020 07:31 AM IST
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Garun Purana We should remember these things for money management
अठारह पुराणों में गरुड़ पुराण विशेष महत्व रखता है - फोटो : सोशल मीडिया

अठारह पुराणों में गरुड़ पुराण विशेष महत्व रखता है। इसमें विष्णु भक्ति का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है। गरुड़ पुराण के बारे में सबको लगता है कि इसे सिर्फ मृत्यु के बाद ही पढ़ा जाता है और इसमें सिर्फ डराने या नरक के बारे में बताया गया है, लेकिन गरुड़  पुराण में ऐसी बहुत सारी बाते बताई गई हैं जिनको पढ़ने के बाद जीवन और मरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।

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गरुड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद क्या होता है इसका विवरण विस्तार से किया गया है - फोटो : सोशल मीडिया

गरुड़ पुराण में जहां एक तरफ स्वर्ग, नरक, पाप और पुण्य की बातें बताई गई हैं तो वहीं उसमें ज्ञान,विज्ञान, धर्म, नीति और नियम भी बताए गए हैं। गरूड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद क्या होता है इसका विवरण विस्तार से किया गया है तो वहीं जीवन का रहस्य भी बताया गया है।

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गंदे वस्त्र पहनने वालों और अपने घर को गंदा रखने वालों के यहां लक्ष्मी का वास नहीं होता है

गरुण पुराण में कहा गया है कि हमें साफ सुथरे और सुंगधित वस्त्र धारण करने चाहिए। इससे धन और सौभाग्य में वृद्धि होती है। गंदे वस्त्र पहनने वालों और अपने घर को गंदा रखने वालों के यहां लक्ष्मी का वास नहीं होता है, उस घर में दरिद्रता आती है। सौभाग्य नष्ट हो जाता है। अगर कोई गंदा रहता है और फिर भी वह सब सुख सुविधाओं से संपन्न है, तो कुछ ही समय के लिए है क्योंकि ऐसे घर का धन धीरे-धीरे नष्ट होने लगता है।

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सामर्थ्य के अनुसार ही दान करना चाहिए - फोटो : social media

गरुड़ पुराण में कहा गया है कि

दाता दरिद्रः कृपणोर्थयुक्तः पुत्रोविधेयः कुजनस्य सेवा।
परापकारेषु नरस्य मृत्युः प्रजायते दिश्चरितानि पञ्च।।

अर्थात् दरिद्र होकर दाता नहीं बनना चाहिए। क्योंकि कम आय होने के बाद भी बिना सोच विचार के दान करने वाले दुखी रहते हैं। इसलिए सामर्थ्य के अनुसार ही दान करना चाहिए।

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