Ganga Saptami 2020: इन मंत्रों के जप से मिलता है गंगा स्नान के समान लाभ, गंगा सप्तमी पर जरूर करें
- ॐ नमो गंगायै विश्वरुपिणी नारायणी नमो नम:।।
अर्थ
- गंगा मैया !! आप विश्वरुपिनी हो, नर नारायण स्वरूपी हो, गंगामाई आपको नमस्कार !!
गंगा सप्तमी के दिन पूजा के समय आप इस पावन मंत्र का जप करें। नित्य भी इस मंत्र का जप किया जा सकता है।
स्वस्थ, समृद्ध और सुखद जीवन के लिए हरिद्वार में करवाएं, माँ गंगा की आरती
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।।
- अर्थ
हे गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु, कावेरी नदियों ! (मेरे स्नान करने के) इस जल में (आप सभी) पधारिए ।
इस पावन मंत्र का जप स्नान करने से पहले करना चाहिए।
स्वस्थ, समृद्ध और सुखद जीवन के लिए हरिद्वार में करवाएं, माँ गंगा की आरती
त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु मां ।।
अर्थ
- गंगा जी का जल, जो मनोहारी है, विष्णु जी के श्रीचरणों से जिनका जन्म हुआ है, जो त्रिपुरारी की शीशपर विराजित हैं, जो पापहारिणी हैं, हे मां तू मुझे शुद्ध कर!
स्वस्थ, समृद्ध और सुखद जीवन के लिए हरिद्वार में करवाएं, माँ गंगा की आरती
अर्थ
- जो मनुष्य सौ योजन दूर से भी गंगाजी का स्मरण करता है उसके सभी पाप दूर हो जाते हैं और वह अंत में विष्णु लोक को जाता है।