Ganesh Utsav Upay 2026: गणेशोत्सव का पावन पर्व 14 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश उत्सव के इन दिनों में भगवान गणेश की पूजा करने से भक्तों को विशेष कृपा प्राप्त होती है। यदि आप चाहते हैं कि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे और आर्थिक परेशानियां दूर हों, तो इस दौरान श्वेतार्क गणेश की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। मदार यानी आक की जड़ से बने गणेशजी के इस स्वरूप को प्राकृतिक गणपति का रूप माना जाता है। धार्मिक परंपराओं और वास्तु मान्यताओं में श्वेतार्क गणेश का विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी मान्यताओं और पूजा के महत्व के बारे में।
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श्वेतार्क गणेश की आकृति आक या मदार के पौधे की जड़ से प्राकृतिक रूप से बनती है
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श्वेतार्क गणेश क्या होते हैं?
भगवान गणेश को सभी देवी-देवताओं में प्रथम पूजनीय माना गया है। धार्मिक ग्रंथों में उनके कई स्वरूपों और नामों का वर्णन मिलता है। इन्हीं विशेष स्वरूपों में श्वेतार्क गणेश का भी उल्लेख किया जाता है। श्वेतार्क गणेश की आकृति आक या मदार के पौधे की जड़ से प्राकृतिक रूप से बनती है। इसी वजह से इसे गणपति का प्राकृतिक स्वरूप माना जाता है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में इसे सकारात्मक ऊर्जा तथा समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।
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धन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने वाला शुभ प्रतीक भी माना जाता है।
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तिजोरी में रखने से क्या होता है?
मान्यता है कि यदि श्वेतार्क गणेश की विधिवत पूजा करके उन्हें घर की तिजोरी या धन रखने के स्थान पर स्थापित किया जाए, तो इससे घर में सकारात्मकता और समृद्धि का वातावरण बना रहता है। इसे धन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने वाला शुभ प्रतीक भी माना जाता है। मुद्गल पुराण में गणेशजी के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन मिलता है और गणपति उपासना को विशेष महत्व दिया गया है। श्वेतार्क गणेश की पूजा को भी परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है।
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गणेशोत्सव को क्यों खास माना जाता है?
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गणेशोत्सव को क्यों खास माना जाता है?
गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश की विशेष आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस अवधि में पूरे परिवार के साथ मिलकर गणपति के प्राकृतिक स्वरूप की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। ऐसा भी माना जाता है कि जिस घर में श्रद्धा के साथ श्वेतार्क गणेश की पूजा की जाती है, वहां नकारात्मकता, आर्थिक परेशानियों और रोगों का प्रभाव कम होता है। हालांकि ये धार्मिक और लोक-मान्यताएं हैं, इन्हें आस्था के दृष्टिकोण से ही देखना चाहिए।
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श्वेतार्क गणेश की स्थापना कैसे करें?
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श्वेतार्क गणेश की स्थापना कैसे करें?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्वेतार्क गणेश को शुभ मुहूर्त में विधिपूर्वक पूजन के बाद घर में स्थापित करना चाहिए। पूजा के दौरान भगवान गणेश को पुष्प, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर श्रद्धापूर्वक गणेश मंत्रों का जाप किया जा सकता है। घर में स्थापना के बाद नियमित रूप से पूजा और आरती करने से भक्त भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। विशेष रूप से गणेशोत्सव के दिनों में परिवार के सभी सदस्यों का साथ मिलकर पूजा करना शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।