धार्मिक कार्यों में श्रीफल अर्थात् एकाक्षी नारियल का विशेष महत्व होता है। पूजा-पाठ में श्रीफल अर्पण करने का विधान है। श्रीफल का हिन्दू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है चाहे वह प्रसाद रूप में हो या भेंट के रूप में। आज हम आपको एक बात बताने जा रहें हैं जिसको जान आपको आश्चर्य होगा कि सभी नारियल श्रीफल नहीं होते हैं केवल एकाक्षी नारियल ही श्रीफल होता है।
एकाक्षी नारियल है माता लक्ष्मी का रूप, आपको भी अगर मिल जाए तो हो जाएंगे धनवान
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कैसे पहचाने 'एकाक्षी नारियल' को
सामान्य नारियल की आकृति में तीन छिद्र दिखाई देते हैं जिन्हें दो आंखें व एक मुख कहा जाता है। नारियल में तीन खड़ी रेखाएं भी दिखाई देती हैं किन्तु एकाक्षी नारियल में केवल दो छिद्र होते हैं। जिन्हें एक मुख व एक आंख कहा जाता है।
एकाक्षी नारियल में केवल दो रेखाएं होती हैं।
एकाक्षी नारियल के उपाय
एकाक्षी नारियल को विशेष मुहूर्तों जैसे दीपावली, होली, रवि-पुष्य, गुरु-पुष्य, ग्रहण काल आदि पर षोडषोपचार पूजा कर उसे लाल रेशमी वस्त्र में बांधकर अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान या तिजोरी में रखने या पूजा स्थान में रखने से सदैव लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकाक्षी नारियल में धन आकर्षण की अद्भुत क्षमता होती है।