फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

रामचरित मानस के अनुसार किसने कौन सा सपना देखा, क्या है उसका मतलब

Tue, 31 May 2016 03:37 PM IST
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 31 May 2016 03:37 PM IST
विज्ञापन
dream meaning in ramcharitmanas
श्री रामचर‌ित मानस

सपनों द्वारा भव‌िष्य जानने की व‌िद्या प्राचीन काल से चली आ रही है। लोग सपनों से भव‌िष्य में होने वाली घटनाओं का अंदाजा लगाते थे इसल‌िए रामचर‌ित मानस में कई ऐसे प्रसंग आए हैं ज‌ब रामायण के पात्रों ने सपने देखे और उन सपनों का फल जल्दी ही लोगों के सामने आया।

रामचर‌ित मानस के अनुसार क‌िसने कौन सा सपना देखा, क्या है उसका मतलब

dream meaning in ramcharitmanas
राम

एक प्रसंग में ज‌िक्र म‌िलता है क‌ि भगवान राम अपने वनवास के दौरान सपना देखते हैं क‌ि दशरथ जी आकाश मार्ग से दक्ष‌िण द‌िशा की ओर चले जा रहे हैं। भगवान राम इस सपने से बहुत च‌िंत‌ित हो जाते हैं क‌ि कहीं उनके प‌िता के साथ कुछ बुरा तो नहीं हुआ है। कुछ ही द‌िनों बाद उन्हें संदेश म‌िलता है क‌ि पुत्र शोक में दशरथ जी की मृत्‍यु हो गई है। इस सपने द्वारा रामचर‌ित मानस में बताया गया है दक्ष‌िण द‌िशा की ओर यात्रा देखना मृत्यु सूचक है।

रामचर‌ित मानस के अनुसार क‌िसने कौन सा सपना देखा, क्या है उसका मतलब

dream meaning in ramcharitmanas
भरत रामायण

रामचर‌ित मानस में ज‌िक्र आया है क‌ि जब दशरथ जी की मृत्यु हुई उन द‌िनों भरत शत्रुघ्न अपने मामा के घर गए थे। दशरथ जी की मृत्यु और भगवान राम के वन जाने की घटना का संकेत उन्हें सपने में म‌िल रहा था। इस घटना का ज‌िक्र करते हुए रामचर‌ित मानस में ल‌िखा है 'अनुरथ अवध अरंभउ जब तें, कुसगुन होह‌िं भरत कहुं तब तें।। देखह‌िं रात‌ि भयानक सपना। जाग‌ि करह‌िं कटु कोट‌ि कलपना।। ब‌िप्र जेवॉइ देह‌िं द‌िन दाना। स‌िव अभ‌िषेक करह‌िं ब‌िध‌ि नाना।। भरत जी शत्रुघ्न से कहते हैं क‌ि उन्हें बुरे सपने आ रहे हैं सपनों बुरे प्रभाव को दूर करने के ल‌िए ब्राह्ममणों को भोजन करवाओ और दान दो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रामचर‌ित मानस के अनुसार क‌िसने कौन सा सपना देखा, क्या है उसका मतलब

dream meaning in ramcharitmanas
राम भरत
एक अन्य सपने का ज‌िक्र करते हुए रामचर‌ित मानस में ल‌िख गया है देवी सीता एक अशुभ सपना देखती हैं और भगवान राम से कहती हैं 'उहॉं रामु रजनी अवसेषा। जागे सीयॅं सपन अस देखा।। सहति समाज भरत जनु आए। नाथ ब‌ियोग ताप तन ताए।। सकल मल‌िन मन दीन दुखारी। देखीं सासु आन अनुहारी।। सुन‌ि स‌िय सपन भरे जल लोचन। देखीं सासु आन अनुहारी।। सन‌ि स‌िय सपन भरे जल लोचन। भए सोचबस सोच ब‌िमोचन।। लखन सपन यह नीक न होई। कठनि कुचाह सुनाइह‌ि कोई।। सीता कहती हैं उन्होंने माताओं को उदास देखा है और भरत के साथ म‌िलने आए हैं। 
विज्ञापन

रामचर‌ित मानस के अनुसार क‌िसने कौन सा सपना देखा, क्या है उसका मतलब

dream meaning in ramcharitmanas
राम सीता

भगवान राम लक्ष्मण से कहते हैं देवी सीता का सपना कुछ अशुभ का संकेत है। सपने का फल कुछ द‌िनों में सामने भी आता है जब भरत जी के साथ सभी माताएं श्री राम से म‌िलने वन में आती हैं। इस सपने के अनुसार व‌िधवा वेष और चेहरे पर उदासी देखना अशुभ फल का सूचक है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed