Shukrawar upay: वैसे तो रोजाना घरों में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। लेकिन शुक्रवार का दिन सबसे शुभ है। मान्यता है कि इस दिन देवी की पूजा-अर्चना करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। वहीं वैवाहिक जीवन में मधुरता, पति की तरक्की और घर की बरकत के लिए महिलाएं शुक्रवार का उपवास भी रखती हैं। शास्त्रों में माता लक्ष्मी को धन की देवी कहा गया है, क्योंकि उनके प्रभाव से जातक को आर्थित लाभ मिलता है। इस दौरान कुंड़ली में भी शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। ज्योतिषियों के मुताबिक शुक्र ग्रह ऐशो-आराम, प्रेम, भौतिक सुख और सौन्दर्य के कारक है। उनकी स्थिति से व्यक्ति को मनचाहा लाभ प्राप्त होता है। ऐसे में देवी की कृपा और कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत करने के लिए शुक्रवार को दान-पूण्य से जुड़े कार्य करने चाहिए। इस दौरान व्यापार में विशेष लाभ के लिए आप कुछ उपाय भी कर सकती हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं...
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Shukrawar upay: व्यापार में धन लाभ के लिए शुक्रवार की शाम को करें ये तीन उपाय
Fri, 21 Mar 2025 11:09 AM IST
मेघा कुमारी
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा कुमारी
Updated Fri, 21 Mar 2025 11:09 AM IST
सार
Shukrawar upay: वैसे तो रोजाना घरों में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। लेकिन शुक्रवार का दिन सबसे शुभ है। मान्यता है कि इस दिन देवी की पूजा-अर्चना करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
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शास्त्रों में माता लक्ष्मी को धन की देवी कहा गया है, क्योंकि उनके प्रभाव से जातक को आर्थित लाभ मिलता है।
- फोटो : adobe stock
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार की शाम को मां लक्ष्मी की विधिनुसार पूजा करें
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शुक्रवार को करें ये उपाय
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार की शाम को मां लक्ष्मी की विधिनुसार पूजा करें। पूजा में देवी को कमल का फूल अर्पित करें। इससे व्यापार में लाभ के योग बनते हैं।
शुक्रवार की पूजा में चांदी का सिक्का रखें। अगले दिन इस सिक्के को लाल कपड़े में रखकर धन स्थान पर रख दें।
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- शुक्रवार की पूजा में चांदी का सिक्का रखें। अगले दिन इस सिक्के को लाल कपड़े में रखकर धन स्थान पर रख दें। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यापार में धन लाभ होता है।
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ज्योतिषियों के अनुसार शुक्रवार की मध्यरात्रि को अष्टलक्ष्मी यानी माता लक्ष्मी के आठ स्वरूप की उपासना करें।
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- ज्योतिषियों के अनुसार शुक्रवार की मध्यरात्रि को अष्टलक्ष्मी यानी माता लक्ष्मी के आठ स्वरूप की उपासना करें। इस दौरान देवी के इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप भी करें। इससे साधक के धन-धान्य में वृद्धि होती है।
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शुक्रवार के दिन लक्ष्मी माता की आरती अवश्य करनी चाहिए।
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- शुक्रवार के दिन लक्ष्मी माता की आरती अवश्य करनी चाहिए। इससे जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए इस आरती को जान लेते हैं...
मां लक्ष्मी की आरती
ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
मैया तुम ही जग-माता।।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
मैया सुख संपत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता।
मैया तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
मैया सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
मैया वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
मैया क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
महालक्ष्मी जी की आरती,जो कोई नर गाता।
मैया जो कोई नर गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।