Kamjor Shani Ko Majbut Karne Ke Upay: वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय के देवता माना गया है। वह व्यक्ति को उसके द्वारा किए गए कर्मों का सटीक और निष्पक्ष फल देते हैं। यदि किसी की कुंडली में शनि शुभ और उच्च स्थिति में हो तो वह जातक ईमानदार, मेहनती, धैर्यशील और अनुशासित होता है। लेकिन जब शनि नीच का, वक्री या पाप ग्रहों से पीड़ित होता है, तो यह शुभ फलों की बजाय जीवन में तमाम अड़चनें, संघर्ष और कष्टों का कारण बन जाता है।
कमजोर शनि दे सकता है भारी नुकसान, भूलकर भी न करें ये कार्य
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Fri, 02 May 2025 05:05 PM IST
सार
जब शनि नीच का, वक्री या पाप ग्रहों से पीड़ित होता है, तो यह शुभ फलों की बजाय जीवन में तमाम अड़चनें, संघर्ष और कष्टों का कारण बन जाता है।
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