हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह दो एकादशी का व्रत रखा जाता है। यह एकादशी की तिथि एक शुक्ल पक्ष और एक कृष्ण पक्ष में आती है। एकादशी व्रत रखने का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इसके अलावा इस एकादशी को हरिशयनी, पद्यनाभा एकादशी और आषाढ़ी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस बार यह एकादशी 29 जून, गुरुवार के दिन मनाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस एकादशी पर भगवान विष्णु चार माह के लिए क्षीर सागर में निद्रा के लिए चल जाते हैं। जिस कारण से सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य इन चार महीने के लिए रुक जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार एकादशी तिथि भगवान विष्णु को बहुत ही प्रिय होती है और एकादशी के दिन भगवान विष्णु की प्रिय तुलसी के पौधे की पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसे में इस देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी से जुड़े कुछ नियमों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी हो जाता है नहीं तो पूजा में भूल के कारण इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
Devshayani Ekadashi 2023: देवशयनी एकादशी पर भूलकर भी न करें तुलसी से जुड़ी ऐसी गलतियां, हो सकती है हानि
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 22 Jun 2023 12:25 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन