आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। खास बात यह है कि इस महीने यह 23 जुलाई 2018 को पड़ रही है। इस एकादशी को हिंदू धर्म में मनोकामना पूर्ति के रूप में भी मनाया जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु चार महीने के लिए पाताल लोग में चले जाते हैं और राजा बलि के द्वार पर निवास करके कार्तिक शुक्ल एकादशी को लौटते हैं।
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देवशयनी एकादशी 2018: इस तरह पूजा करने से भगवान विष्णु होते हैं प्रसन्न, जान लें सही समय और विधि
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 23 Jul 2018 06:53 PM IST
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पूजा की विधि-
एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले घर की सफाई कर लें। इसके बाद स्नान करके गंगा जल से पूरे घर में छ्ड़काव करें। घर के मंदिर में विष्णु भगवान की सोने, चांदी, तांबे या पीपल की मूर्ति की स्थापना करके पूजा करें। पूजा के बाद व्रत की कथा सुनना भी शुभ माना जाता है। इसके बाद विष्णु भगवान की आरती करके सबको प्रसाद बांट दें। बता दें, विष्णु भगवान का कमल के फूल से पूजन करने से विशेष लाभ मिलता है।
एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले घर की सफाई कर लें। इसके बाद स्नान करके गंगा जल से पूरे घर में छ्ड़काव करें। घर के मंदिर में विष्णु भगवान की सोने, चांदी, तांबे या पीपल की मूर्ति की स्थापना करके पूजा करें। पूजा के बाद व्रत की कथा सुनना भी शुभ माना जाता है। इसके बाद विष्णु भगवान की आरती करके सबको प्रसाद बांट दें। बता दें, विष्णु भगवान का कमल के फूल से पूजन करने से विशेष लाभ मिलता है।
पूजा का समय-
एकादशी तिथि प्रारंभ - 22 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट से
एकादशी तिथि समाप्त - 23 जुलाई शाम 4 बजकर 23 मिनट तक।
एकादशी तिथि प्रारंभ - 22 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट से
एकादशी तिथि समाप्त - 23 जुलाई शाम 4 बजकर 23 मिनट तक।
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मनोकामना पूरी करने के उपाय-
- देवशयनी एकादशी के दिन निर्जला व्रत रखना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो एक वक्त फलाहार कर इस व्रत को रखें।
- धन-धान्य तथा लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का केसर मिले जल से अभिषेक करें।
- देवशयनी एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं और तुलसी के पौधे को प्रणाम करें।
- देवशयनी एकादशी के दिन निर्जला व्रत रखना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो एक वक्त फलाहार कर इस व्रत को रखें।
- धन-धान्य तथा लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का केसर मिले जल से अभिषेक करें।
- देवशयनी एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं और तुलसी के पौधे को प्रणाम करें।
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- भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु को खीर, पीले फल या पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं।
- देवशयनी एकादशी के दिन सुबह उठकर घर की साफ सफाई कर घर के मुख्य द्वार पर गंगाजल या फिर हल्दी के जल का छिड़काव करें।
- इस दिन "ॐ नमो नारायणाय" या "ॐ नमो भगवते वसुदेवाय नम:" का 108 बार जाप करें।
- देवशयनी एकादशी के दिन सुबह उठकर घर की साफ सफाई कर घर के मुख्य द्वार पर गंगाजल या फिर हल्दी के जल का छिड़काव करें।
- इस दिन "ॐ नमो नारायणाय" या "ॐ नमो भगवते वसुदेवाय नम:" का 108 बार जाप करें।