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Bhutadi Amavasya: भूतड़ी अमावस्या कल, इस दिन इन उपायों से होगी जीवन से सभी परेशानी दूर

Fri, 28 Mar 2025 06:07 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Fri, 28 Mar 2025 06:07 AM IST
सार

Bhutadi Amavasya 2025 Kab Hai: चैत्र अमावस्या का महत्व विशेष रूप से नकारात्मक शक्तियों से बचाव और आत्मिक शांति प्राप्त करने के लिए है। इस दिन कुछ खास उपाय किए जाते हैं जो नकारात्मकता को नष्ट करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
 

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Bhutadi Amavasya 2025 Date Significance Know the remedies to remove negative energy on Chaitra Amavasya or  Bh
chaitra amavasya 2025 - फोटो : अमर उजाला

चैत्र अमावस्या या भूतड़ी अमावस्या का उद्देश्य नकारात्मक शक्तियों से बचाव और जीवन में शांति स्थापित करना है। यह दिन पूजा-अर्चना, ध्यान, और विशेष धार्मिक उपायों के द्वारा सकारात्मकता का संचार करने के लिए उत्तम है। हनुमान चालीसा का पाठ, नदी में स्नान, शिव पूजा, और पितृ पूजा से इस दिन के प्रभाव को बेहतर बनाया जा सकता है। इस दिन विशेष रूप से ध्यान रखें कि अपने मन को शांत रखें और नकारात्मकता से बचें।


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चैत्र अमावस्या को भारतीय संस्कृति में खास महत्व प्राप्त है। यह तिथि न केवल एक अमावस्या होती है, बल्कि इसे भूतड़ी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन को लेकर एक सामान्य सवाल उठता है कि क्या इसका भूतों से कोई संबंध है? आइए जानते हैं इसके पीछे की धार्मिक और ज्योतिषीय कारण।
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Bhutadi Amavasya 2025 Date Significance Know the remedies to remove negative energy on Chaitra Amavasya or  Bh
chaitra amavasya 2025 - फोटो : राजू सैनी

चैत्र अमावस्या और भूतड़ी अमावस्या की तिथि
इस साल चैत्र अमावस्या या भूतड़ी अमावस्या 28 मार्च को रात 7 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 29 मार्च की शाम 4 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगी। हालांकि, उदया तिथि के अनुसार 29 मार्च को अमावस्या तिथि मानी जाएगी।

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chaitra amavasya 2025 - फोटो : PTI

चैत्र अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या क्यों कहा जाता है:
पौराणिक मान्यता के अनुसार, अमावस्या की रात को अंधेरा होता है और यह समय अज्ञात, नकारात्मक शक्तियों और अतृप्त आत्माओं के घूमने का होता है। खासकर चैत्र अमावस्या के दिन रजो और तमो गुण की प्रबलता के कारण यह तिथि अधिक प्रभावशाली मानी जाती है। इस दिन के दौरान, नकारात्मक शक्तियां, भूत-प्रेत, और अतृप्त आत्माएं इस दुनिया में घूमती रहती हैं और अपनी अधूरी इच्छाओं को पूरा करने के लिए लोगों के आसपास आ सकती हैं। इसलिए इसे भूतड़ी अमावस्या के रूप में जाना जाता है। चंद्रमा के प्रभाव से मन की स्थिति भी अस्थिर हो जाती है, जिससे ये शक्तियां प्रभावी हो सकती हैं।

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chaitra amavasya 2025 - फोटो : अमर उजाला

चैत्र अमावस्या पर क्या करें
चैत्र अमावस्या का महत्व विशेष रूप से नकारात्मक शक्तियों से बचाव और आत्मिक शांति प्राप्त करने के लिए है। इस दिन कुछ खास उपाय किए जाते हैं जो नकारात्मकता को नष्ट करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

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Bhutadi Amavasya 2025 Date Significance Know the remedies to remove negative energy on Chaitra Amavasya or  Bh
chaitra amavasya 2025 - फोटो : Adobe Stock

हनुमान चालीसा का पाठ करें
इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। हनुमान जी की आराधना से बुरी शक्तियां दूर होती हैं और मनुष्य को मानसिक शांति प्राप्त होती है। इसके साथ ही, गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव को कम करने में मदद करता है।

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