फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Basant Panchami 2021: मां सरस्वती प्राकट्य दिवस, जानिए महत्व, तिथि, पूजा विधि और पौराणिक कथा

Thu, 28 Jan 2021 03:33 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Thu, 28 Jan 2021 03:33 PM IST
विज्ञापन
Basant Panchami 2021 date time importance puja vidhi and and poranik katha
बसंत पंचमी 2021

हिंदी पंचाग के हिसाब से माघ माह में शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन बसंत पंचमी मनाई जाती है। इस बार बसंत पंचमी 16 फरवरी 2021 दिन मंगलवार को मनाई जाएगी। मां सरस्वती ज्ञान की देवी हैं। बसंत पंचमी इन्हीं के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह दिन विद्यार्थियो के लिए बहुत महत्व रखता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से विद्या और बुद्धि का वरदान प्राप्त होता है। इस दिन को बसंत ऋतु के आगमन के रूप में भी मनाया जाता है। यह दिन नए कार्यों की शुरूआत करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। जानते हैं बसंत पंचमी शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पौराणिक कथा

Basant Panchami 2021 date time importance puja vidhi and and poranik katha
बसंत पंचमी 2021 मूहूर्त

बसंत पंचमी 2021 शुभ मुहूर्त

 

बसंत पंचमी आरंभ- 16 फरवरी 2021 दिन मंगलवार सुबह 03 बजकर 36 मिनट से

बसंत पंचमी समाप्त- 17 फरवरी 2021 दिन बुधवार को सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर 

16 फरवरी को पूरे दिन पंचमी तिथि रहेगी। यह बेहद ही शुभ है।

Basant Panchami 2021 date time importance puja vidhi and and poranik katha
बसंत पंचमी 2021 महत्व

बसंत पंचमी का महत्व

माघ माह की पंचमी तिथि को बसंत ऋतु के आगमन और मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार हो जाती है, जो देखने में स्वर्ण की तरह चमकती है। खेतों में सरसों के पीले फूल खिले होते हैं जो बसंत ऋतु के आने का संदेश देते हैं, इसलिए यह तिथि कृषि के लिए भी बहुत महत्व देती है। इसके अलावा सृष्टि को स्वर देने वाली ज्ञान की देवी सरस्वती का जन्म दिवस होने के कारण यह दिन विद्यार्थियों और संगीत के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी बहुत महत्व रखता है। विद्यार्थियों को इस दिन मां सरस्वती (शारदा) की पूजा अवश्य करनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Basant Panchami 2021 date time importance puja vidhi and and poranik katha
बसंत पंचमी 2021 पूजा विधि

पूजा विधि

  • इस सुबह स्नानदि करने के बाद स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें। 
  • पूजा स्थान की साफ-सफाई करने के बाद मां सरस्वती की प्रतिमा को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें।
  •  रोली, चंदन, हल्दी, केसर, चंदन, अक्षत, पीले या सफेद रंग के पुष्प से पूजन करें। मां सरस्वती को पीली मिठाई अर्पित करें।
  • इस दिन शिक्षा सामाग्री किताबों आदि की पूजा भी करनी चाहिए। 
  • जो लोग संगीत से जुड़े हैं वाद्य यंत्रों का पूजन करना चाहिए।
  • पूजा के बाद मां सरस्वती की वंदना करें।
विज्ञापन
Basant Panchami 2021 date time importance puja vidhi and and poranik katha
बसंत पंचमी 2021 मां सरस्वती के जन्म की कथा

बसंत पंचमी कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने जब सृष्टि की रचना की तो पेड़-पौधों और जीव जन्तुओं सब कुछ बहुत ही सुंदर दिख रहा था, लेकिन फिर भी उन सब में कुछ कमी सी महसूस हो रही थी। जिसके बाद ब्रह्मा जी ने इस कमी को पूरा करने के लिए अपने कमंडल से जल निकालकर छिड़का तो उससे एक सुंदर देवी प्रकट हुईं। इनके एक हाथ में वीणा और दूसरे हाथ में पुस्तक थी। तीसरे में माला और चौथा हाथ वर मुद्रा में था। देवी ने जब वीणा बजाया तो संसार की हर चीज में स्वर आ गया। जिसके बाद उनका नाम पड़ा देवी सरस्वती। कथा के अनुसार यह दिन बसंत पंचमी का दिन था। इसलिए बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन किया जाता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed