Hindu Traditions Of Touching Feet: भारतीय संस्कृति में बड़ों के चरण स्पर्श करना सम्मान, विनम्रता और आशीर्वाद प्राप्त करने की परंपरा का हिस्सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ खास परिस्थितियों में या कुछ लोगों के पैर छूना वर्जित माना गया है? कई लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं, लेकिन इसके पीछे धार्मिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण भी छिपे हैं। आइए जानते हैं कि किन लोगों के चरण स्पर्श करने से बचना चाहिए और क्यों।
Touching Feet: भूलकर भी नहीं छूने चाहिए इन लोगों के पैर, आशीर्वाद की जगह मिल सकते हैं विपरीत प्रभाव
शास्त्रों में कुछ खास परिस्थितियों में या कुछ लोगों के पैर छूना वर्जित माना गया है। आइए जानते हैं कि किन लोगों के चरण स्पर्श करने से बचना चाहिए और इसके पीछे का कारण क्या है।
मामा के पैर छूना
लोक परंपरा में माना जाता है कि भांजे को अपने मामा के चरण स्पर्श नहीं करने चाहिए। यह मान्यता श्रीकृष्ण और उनके मामा कंस की कथा पर आधारित है, जिसमें श्रीकृष्ण ने कंस का अंत किया था। तब से यह रिवाज बना कि भांजा मामा के पैर नहीं छुएगा।
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अधार्मिक या गलत कार्य करने वाला
यदि किसी व्यक्ति को सामाजिक रूप से अधार्मिक या अनैतिक आचरण के लिए जाना जाता है, तो उसके पैर छूना धर्म की दृष्टि से अनुचित माना गया है। ऐसा करने से उसके कर्मों का दुष्प्रभाव चरण स्पर्श करने वाले पर भी पड़ सकता है।
सास-ससुर के पैर छूना
परंपरागत मान्यताओं के अनुसार दामाद को अपने सास-ससुर के पैर नहीं छूने चाहिए। इसकी पौराणिक कथा भगवान शिव और प्रजापति दक्ष से जुड़ी है, जिसमें शिव ने अपने ससुर का सिर काटा था। तभी से यह परंपरा मानी जाती है।
इन परिस्थितियों में न करें चरण स्पर्श
मंदिर में पैर छूना
जब आप मंदिर में हों, तो किसी भी इंसान के पैर छूने से बचें। मान्यता है कि मंदिर में केवल ईश्वर सर्वोच्च होते हैं, इसलिए वहां सिर झुकाना केवल भगवान के प्रति होना चाहिए। किसी अन्य के चरण छूने से भगवान की ऊर्जा में विघ्न पड़ता है।
सोते हुए व्यक्ति के पैर न छुएं
यदि कोई व्यक्ति नींद में है तो उस समय उसके पैर छूना अनुचित माना गया है। सोते समय व्यक्ति की ऊर्जा स्थिति अलग होती है और उसे मृत समान स्थिति में माना जाता है। ऐसे में में चरण स्पर्श करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो सकता है।
श्मशान से लौटे व्यक्ति के पैर न छुएं
जिस व्यक्ति ने हाल ही में श्मशान से लौटकर प्रवेश किया हो, उसके पैर नहीं छूने चाहिए। शास्त्रों में श्मशान को अशुद्ध स्थान माना गया है और वहां से लौटने वाले व्यक्ति के आसपास नकारात्मक ऊर्जा मानी जाती है।
पूजा कर रहे व्यक्ति के पैर न छुएं
जब कोई व्यक्ति पूजा या ध्यान में लीन हो, तो उसके चरण छूने से बचना चाहिए। पूजा के समय व्यक्ति आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा होता है, और इस दौरान चरण स्पर्श करने से उसकी साधना में बाधा आ सकती है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।