Ashada Amavasya 2021 Ke Upay: आषाढ़ मास की अमावस्या आज 09 जुलाई को है। धार्मिक दृष्टि से यह तिथि बेहद ही महत्वपूर्ण है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने का विशेष महत्व माना जाता है। पितरों का तर्पण, पिंडदान, कालसर्पदोष निवारण आदि करने के लिए अमावस्या तिथि बहुत उत्तम मानी जाती है। इस दिन पितरों के निमित्त दान करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है जिससे आपके जीवन में खुशहाली बनी रहती है। ज्योतिष शास्त्र में अमावस्या को विशेष तिथि माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए उपाय विशेष फलदायी होते हैं। यदि आपके जीवन में किसी प्रकार की समस्याएं चल रही हैं या फिर किसी की कुंडली में कालसर्प योग का निर्माण हो रहा हो तो अमावस्या तिथि पर कुछ उपायों को करके आप इन समस्याओं से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। ये उपाय सरल होने के साथ साथ कारगर भी माने जाते हैं।
{"_id":"60e314a98ebc3ebf5205ef89","slug":"ashada-amavasya-2021-ashada-amavasya-ke-upay-in-hindi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Ashada Amavasya 2021: आषाढ़ी अमावस्या पर ये उपाय करने से पितृ होते हैं प्रसन्न","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
Ashada Amavasya 2021: आषाढ़ी अमावस्या पर ये उपाय करने से पितृ होते हैं प्रसन्न
Fri, 09 Jul 2021 07:22 AM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Fri, 09 Jul 2021 07:22 AM IST
विज्ञापन
आषाढ़ अमावस्या 2021
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आषाढ़ अमावस्या के दिन पवित्र नदी अथवा जलकुंड में स्नान करना चाहिए।
- फोटो : अमर उजाला
- शास्त्रानुसार, आषाढ़ अमावस्या के दिन पवित्र नदी अथवा जलकुंड में स्नान करना चाहिए। अमावस्या पर दान-स्नान का बहुत महत्व माना गया है। इसलिए इस दिन प्रातःकाल की बेला में किसी पवित्र नदी, कुंड में स्नान करना चाहिए, और सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।
आषाढ़ी अमावस्या का दिन पितृ तर्पण के लिए बहुत उत्तम रहता है।
- फोटो : सोशल मीडिया
- आषाढ़ी अमावस्या का दिन पितृ तर्पण के लिए बहुत उत्तम रहता है। इसलिए इस दिन किसी नदी के तट पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और दान करें। इससे आपको पितृ दोष से मुक्ति मिलेगी। पूर्वजों को पिंड दान अर्पित करें और गरीबों को दान करें। कहते हैं कि ऐसा करने सा पूर्वजों को शांति और मोक्ष प्राप्त होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आषा़ढ़ी अमावस्या के दिन शनिदेव की पूजा करने का महत्व भी माना गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
- आषा़ढ़ी अमावस्या के दिन शनिदेव की पूजा करने का महत्व भी माना गया है। अमावस्या के दिन आप शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा भी कर सकते हैं। दरअसल, अमावस्या के दिन को शनिदेव का दिन मानते हैं। इसलिए इस दिन शनिवदेव की पूजा का विशेष महत्व है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि ग्रह से जुड़ी चीजों को अवश्य दान करें।
विज्ञापन
काल सर्प
- फोटो : सोशल मीडिया
- आषाढ़ी अमावस्या के दिन जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष बनता हो, उन लोगों को अमावस्या के दिन कालसर्प दोष निवारण करवाना चाहिए। इससे कालसर्प दोष के कारण होने वाले प्रभाव कम होते हैं। कुंडली में कालसर्प दोष राहु-केतु के कारण बनता है।