फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Angarki Sankashti Chaturthi 2021: सावन का अंगारकी संकष्टी चतुर्थी व्रत आज, जानें मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व

Tue, 27 Jul 2021 08:00 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Tue, 27 Jul 2021 08:00 AM IST
विज्ञापन
Angarki Sankashti Chaturthi 2021 july muhurat vrat vidhi and importance on Sankashti Chaturthi
अंगारकी चतुर्थी 2021 जुलाई - फोटो : Pixabay

सावन मास की संकष्टी चतुर्थी आज है। यह संकष्टी चतुर्थी मंगलवार के दिन पड़ी है इसलिए इसे अंगारकी चतुर्थी कहते हैं। हिन्दू पंचांग के प्रत्येक मास में कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। यह तिथि भगवान गणेश जी को समर्पित है। वे अपने भक्तों के समस्त प्रकार के विघ्न हर लेते हैं। इस कारण उन्हें विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। दरअसल संकष्टी से आशय संकट हरने वाली तिथि से है। यह दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखकर भगवान गणेश का विधि-विधान के साथ पूजन करते हैं। जो भक्त आज के दिन सच्चे मन से व्रत-पूजन करता है। उस पर भगवान गणेश जी की कृपा होती है। उनकी कृपा से घर में शुभता बनी रहती है और कोई भी कार्य बिना किसी विघ्न बाधा के पूर्ण हो जाता है। तो आइए जानते हैं संकष्टी चतुर्थी महत्व, मुहूर्त और पूजा विधि।

Angarki Sankashti Chaturthi 2021 july muhurat vrat vidhi and importance on Sankashti Chaturthi
अंगारकी चतुर्थी 2021 जुलाई - फोटो : Pixabay
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त

चतुर्थी तिथि 27 जुलाई को शाम 03 बजकर 54 मिनट से शुरू हो कर 28 जुलाई दोपहर 02 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। वहीं चन्द्रोदय का समय 27 जुलाई को रात्रि 9:50 बजे रहेगा। वहीं चन्द्रास्त 28 जुलाई को सुबह 9:40 बजे होगा।

Angarki Sankashti Chaturthi 2021 july muhurat vrat vidhi and importance on Sankashti Chaturthi
अंगारकी चतुर्थी 2021 जुलाई - फोटो : Pixabay
संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
  • चतुर्थी तिथि के दिन प्रातः काल जल्दी उठकर स्नानादि कर लें। 
  • इस दिन पीले या लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। 
  • अब पूजा स्थान की सफाई करके एक लाल रंग का आसन बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित करें। 
  • गणेश जी के समक्ष घी का दीपक व सुगंधित धूप प्रज्वलित करें और सिंदूर से तिलक करें।
  • अब गणेश जी को फल-फूल व मिष्ठान अर्पित करें। मिष्ठान में मोदक या मोतीचूर के लड्डू अर्पित करने चाहिए। 
  • गणेश जी को दूर्वा अतिप्रिय है इसलिए इस दिन 21 दूर्वा की गांठे भगवान गणेश के अलग-अलग नामों का उच्चारण करते हुए अर्पित करें। 
  • संकष्टी चतुर्थी का व्रत गणेश जी की पूजा से आरंभ होकर चंद्रमा को अर्घ्य देने पर पूर्ण होता है। 
  • इस दिन यथाशक्ति दान देने के पश्चात व्रत का पारण करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Angarki Sankashti Chaturthi 2021 july muhurat vrat vidhi and importance on Sankashti Chaturthi
अंगारकी चतुर्थी 2021 जुलाई - फोटो : Pixabay
संकष्टी चतुर्थी महत्व

जैसे कि इस तिथि का नाम हैं संकष्टी उसी के अनुरूप इसे संकट हरने वाली तिथि माना गया है। इस दिन श्रद्धा और विधिपूर्वक भगवान गणेश के निमित्त व्रत करने और पूजन करने से जातक के जीवन के सभी संकट दूर होते हैं। भगवान गणेश अपने भक्तों के संकट हर लेते हैं और जीवन में सकारात्मकता का आगमन होता है। जिस स्थान पर बप्पा विराजते हैं वहां रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ भी विराजते हैं। गणेश जी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed