शास्त्रों के अनुसार व्यक्ति अलग-अलग अंगों के फड़कने का अपना मतलब होता है। रामायण से लेकर महाभारत तक में कई स्थानों पर अंगों के फड़कने के महत्व को दर्शाया गया है और उनका मतलब भी बताया गया है। इसलिए परंपरागत तौर पर लोग अंगों के फड़कने को शुभ और अपशगुन से जोड़कर देखते हैं जैसे किसी के दोनों अंग फड़कने लगे हों तो यह संकेत माना जाता है कि उसे बड़ा लाभ या सुख की प्राप्ति होने वाली है। अन्य अंगों के फड़कने का मतलब भी जानिए।
दोनों भौंहें फड़के तो लाभ, अन्य अंग फड़कने के बारे में क्या कहते हैं शास्त्र
Updated Thu, 21 Jan 2016 11:40 PM IST
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दोनों भौंहें फड़के तो लाभ, अन्य अंग फड़कने के बारे में क्या कहते हैं शास्त्र
दोनों भौंहें फड़के तो लाभ, अन्य अंग फड़कने के बारे में क्या कहते हैं शास्त्र
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