आचार्य चाणक्य की गिनती आज भी श्रेष्ठ श्रेणी के विद्वानों में की जाती है। वर्षों पूर्व उनके द्वारा लिखी गई नीतियां आज के जीवन में भी व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। उन्होंने अपने जीवन में अच्छी और बुरी दोनों तरह की परिस्थितियों का सामना किया परंतु फिर भी कभी हार नहीं मानी और न ही अपने आदर्शों के साथ समझौता किया। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में अपने ज्ञान और अनुभव के आधार पर मनुष्य के जीवन से जुड़ी हुई महत्पूर्ण नीतियां बताई हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार धन आवश्यक होता है लेकिन कुछ परिस्थितियों में धन लेना पाप के समान होता है। तो चलिए जानते हैं इस बारें में....
चाणक्य नीति: ऐसे धन को कभी नहीं लगाना चाहिए हाथ, होता है पाप के समान
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Mon, 22 Feb 2021 07:38 PM IST
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