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भारत का ऐसा गांव जहां हनुमानजी का नाम लेना भी होता है गुनाह
Thu, 08 Mar 2018 09:00 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 08 Mar 2018 09:00 AM IST
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ऐसी मान्यता है हनुमान जी आज भी इस पृथ्वी पर देह सहित मौजूद है। भारत में भगवान राम के बाद हनुमान जी की सबसे ज्यादा पूजा की जाती है। शनिवार और मंगलवार को देश के तमाम मंदिरों में भगवान हनुमान जी की पूजा करने के लिए लंबी कतारे लगती हैं। लेकिन एक स्थान ऐसा भी है जहां पर लोग हनुमान जी पूजा नहीं करते हैं इतना ही नहीं हनुमानजी का नाम लेना भी गुनाह है।
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यह गांव उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है। इस गांव में हनुमान जी की एक भी मूर्ति नहीं मिलेगी। हनुमान जी के प्रति यह नफरत आज की नहीं है बल्कि उस समय की जब मेघनाथ के बाणों से लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए थे। तब किसी ने हनुमान जी को हिमालय से संजीवनी बूटी लाने के लिए कहा।
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इसके बाद हनुमान जी उत्तराखंड के चमोली जिला में स्थित द्रोणागिरी पर्वत पर पहुंचे। हनुमान जी जब संजीवनी बूटी लेने पहुंचे तो तब गांव की एक महिला ने हनुमान जी को पर्वत का वह हिस्सा दिखाया जहां पर संजीवनी उगती थी। तब हनुमानजी ने संजीवनी बूटी के बदले में पूरा पहाड़ ही उखाड़कर ले गए। इसलिए इस गांव के लोग तब से हनुमान जी नाराज रहने लगे।
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तब से न तो इस गांव में कोई हनुमान जी की पूजा करता है और न ही कोई नाम ही लेता है। यहां के लोग हर साल द्रोणागिरी की पूजा करते हैं लेकिन इस पूजा में महिलाओं को शामिल नहीं किया जाता है क्यों कि एक महिला ने ही द्रोणागिरी पर्वत का वह हिस्सा दिखाया था जहां संजीवनी बूटी उगती थी।
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