फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pitru Paksha 2023: क्या महिलाएं भी कर सकती हैं पिंडदान? जानिए क्या कहते हैं शास्त्र

Mon, 02 Oct 2023 10:04 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Mon, 02 Oct 2023 10:04 AM IST
विज्ञापन
Pitru Paksha 2023 women also do Shradh and Pind Daan know the rule in hindi
Pitru Paksha 2023: क्या महिलाएं भी कर सकती हैं पिंडदान? - फोटो : अमर उजाला

Women Can do Pind daan: हिंदू धर्म में श्राद्ध और पिंडदान का बहुत महत्व है। श्राद्ध पक्ष भाद्रपद माह की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक मनाया जाता है। इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया जाता है। मान्यता है कि मृत्यु के बाद जिन लोगों का श्राद्ध और पिंडदान नहीं किया जाता है, उनको दूसरे लोकों में काफी ज्यादा कष्ट और दुखों का सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि श्राद्ध पक्ष के दौरान पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया जाता है। श्राद्ध और पिंडदान से पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार के सदस्यों को दीर्घायु, वंशवृद्धि व अनेक प्रकार के आशीर्वाद देकर पितृलोक लौट जाते हैं। ज्यादातर पिंडदान और श्राद्ध पुरुषों द्वारा ही किया जाता है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या महिलाएं भी श्राद्ध कर सकती हैं। तो चलिए जानते हैं महिलाएं श्राद्ध कर सकती हैं या नहीं... 



October 2023 Vrat and Festival List: अक्तूबर माह में आने वाले हैं कई व्रत और त्योहार, यहां देखें पूरी लिस्ट

Pitru Paksha 2023 women also do Shradh and Pind Daan know the rule in hindi
Pitru Paksha 2023: क्या महिलाएं भी कर सकती हैं पिंडदान? - फोटो : अमर उजाला
इन हालात में महिलाएं भी करती हैं श्राद्ध और पिंडदान

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जिस घर में पुत्र नहीं होते उस घर की महिलाएं श्राद्ध कर्म और पिंडदान कर सकती हैं। गरुड़ पुराण में भी इस बात का स्पष्ट उल्लेख है। गरुड़ पुराण के अनुसार जिस व्यक्ति का कोई पुत्र नहीं है तो ऐसी स्थिति में कन्याएं अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध और पिंडदान करती हैं।

Pitru Paksha 2023 women also do Shradh and Pind Daan know the rule in hindi
Pitru Paksha 2023: क्या महिलाएं भी कर सकती हैं पिंडदान? - फोटो : अमर उजाला
प्रसन्न होते हैं पितृ

मान्यता है कि अगर कन्याएं श्रद्धापूर्वक अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध और पिंडदान करती हैं, तो पितर उसे स्वीकार कर लेते हैं और कन्या को आशीर्वाद देते हैं। कन्या के अलावा बहु या फिर पत्नी भी श्राद्ध और पिंडदान कर सकती हैं।

Pitru Paksha 2023: कल से हो रही है पितृपक्ष की शुरुआत, जानें तर्पण विधि और श्राद्ध पक्ष की तिथियां

विज्ञापन
विज्ञापन
Pitru Paksha 2023 women also do Shradh and Pind Daan know the rule in hindi
Pitru Paksha 2023: क्या महिलाएं भी कर सकती हैं पिंडदान? - फोटो : iStock
माता सीता ने किया था राजा दशरथ का पिंडदान

मान्यताओं के अनुसार माता सीता ने राजा दशरथ का पिंडदान किया था। वाल्मीकि रामायण में इस बात का उल्लेख मिलता है कि वनवास के दौरान जब भगवान श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता का पितृपक्ष के समय गया में आगमन हुआ था। उस दौरान भगवान राम और लक्ष्मण श्राद्ध के लिए सामग्री लेने गए हुए थे और उन्हें सामग्री लाने में देर हो रही थी। इसी बीच माता सीता को राजा दशरथ के दर्शन हुए। राजा दशरथ ने माता सीता से पिंडदान की कामना की थी। 

विज्ञापन
Pitru Paksha 2023 women also do Shradh and Pind Daan know the rule in hindi
Pitru Paksha 2023: क्या महिलाएं भी कर सकती हैं पिंडदान? - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद माता सीता ने वट वृक्ष, केतकी फूल और फल्गु नदी को साक्षी मानते हुए एक बालू का पिंड बनाया और उसके जरिए राजा दशरथ का पिंडदान किया। माता सीता द्वारा किए गए इस पिंडदान से राजा दशरथ प्रसन्न हुए और उन्हें आशीर्वाद दिया। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed