फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Hariyali Teej 2023: सबसे पहले किसने रखा था हरियाली तीज का व्रत? जानें क्यों मनाया जाता है यह पर्व

Fri, 18 Aug 2023 04:09 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Fri, 18 Aug 2023 04:09 PM IST
विज्ञापन
Hariyali Teej 2023 Know Who first observed Hariyali Teej fast Why it Is Celebrated
सबसे पहले किसने रखा था हरियाली तीज का व्रत? जानें क्यों मनाया जाता है यह पर्व - फोटो : अमर उजाला

Hariyali Teej 2023: श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज मनाई जाती है। इस साल हरियाली तीज 19 अगस्त 2023 को है। हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत मायने रखता है। इस दिन सुहागिनें निर्जला व्रत रखती हैं और मां गौरी की पूजा करती हैं। पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए महिलाएं इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा करती हैं। वहीं कुंवारी लड़कियां भी सुयोग्य वर पाने के लिए हरियाली तीज का व्रत रखती हैं। लेकिन क्या कभी आपने यह सोचा है कि हरियाली तीज का व्रत सबसे पहले किसने रखा होगा या इस व्रत की शुरुआत कब से हुई होगी? आइए जानते हैं सबसे पहले हरियाली तीज का व्रत किसने रखा था और क्यों मनाया जाता है यह त्योहार...



Hariyali Teej 2023: हरियाली तीज पर बन रहे 3 शुभ योग, शिव-गौरी की पूजा से होगी दोगुना फल की प्राप्ति 

Hariyali Teej 2023 Know Who first observed Hariyali Teej fast Why it Is Celebrated
सबसे पहले किसने रखा था हरियाली तीज का व्रत? जानें क्यों मनाया जाता है यह पर्व - फोटो : pinterest

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हरियाली तीज का व्रत सर्वप्रथम राजा हिमालय की पुत्री पार्वती ने रखा था, जिसके फलस्वरूप उन्हें शंकर जी पति के रूप में प्राप्त हुए। इसलिए हरियाली तीज पर कुंवारी लड़कियां भी व्रत रखती हैं और अच्छे वर की प्राप्ति के लिए माता पार्वती से प्रार्थना करती हैं। सुहागनें इस दिन उपवास रखकर माता पार्वती और शिव जी से सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं।

Hariyali Teej 2023 Know Who first observed Hariyali Teej fast Why it Is Celebrated
सबसे पहले किसने रखा था हरियाली तीज का व्रत? जानें क्यों मनाया जाता है यह पर्व - फोटो : istock

ऐसी मान्यता है कि हरियाली तीज के दिन ही शिव जी ने देवी पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया। इसलिए कहा जाता है कि इस दिन जो भी कन्या पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखती है उसके विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और मनचाहा वर मिलता है।

Hartalika Teej 2023: कब है हरतालिका तीज? जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व 

विज्ञापन
विज्ञापन
Hariyali Teej 2023 Know Who first observed Hariyali Teej fast Why it Is Celebrated
सबसे पहले किसने रखा था हरियाली तीज का व्रत? जानें क्यों मनाया जाता है यह पर्व - फोटो : iStock

महिलाएं इस तरह रखती हैं हरियाली तीज का व्रत
हरियाली तीज पर दिनभर निर्जला व्रत रखा जाता है। फिर शाम के समय विधि-विधान से मां पार्वती और शिव जी की पूजा की जाती है। पूजा के साथ ही महिलाएं कथा सुनती हैं। कथा समापन के बाद महिलाएं मां गौरी से अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इसके बाद घर में उत्सव मनाया जाता है और भजन व लोक गीत गाए जाते हैं। यह व्रत करवा चौथ से भी ज्यादा कठिन होता है। महिलाएं पूरा दिन बिना भोजन और जल के ग्रहण किए रहती हैं और दूसरे दिन सुबह स्नान और पूजा के बाद व्रत का पारण करती हैं।

विज्ञापन
Hariyali Teej 2023 Know Who first observed Hariyali Teej fast Why it Is Celebrated
सबसे पहले किसने रखा था हरियाली तीज का व्रत? जानें क्यों मनाया जाता है यह पर्व - फोटो : iStock
हरियाली तीज की परंपरा

हरियाली तीज के दिन हरे वस्त्र, हरी चुनरी, हरी चूड़ियां, सोलह श्रृंगार, मेहंदी के साथ ही झूला-झूलने की परंपरा भी है। इस दिन लड़कियों के मायके से श्रृंगार से जुड़ी चीजें और मिठाइयां आती हैं। नवविवाहित महिलाओं के लिए यह पर्व बहुत खास होता है।  

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed