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जब वाल्मीकि से पहले हनुमान जी ने लिख दी थी रामायण

Wed, 04 Dec 2019 03:15 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Wed, 04 Dec 2019 03:15 PM IST
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Hanuman ji Wrote Ramayana before Valmiki
रामायण

भगवान श्रीराम के जीवन का वर्णन रामायण और रामचरित मानस में मिलता है। रामायण ग्रंथ को वैदिक युग में महर्षि वाल्मीकि ने लिखा था और मध्यकाल में कवि तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना की थी। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि एक रामायण प्रभु श्रीराम के सबसे बड़े भक्त हनुमान जी ने भी लिखा। इसे हनुमद रामायण के नाम से जाना जाता है।

Hanuman ji Wrote Ramayana before Valmiki
वाल्मीकि जयंती 2018

उन्होंने यह ग्रंथ वाल्मीकि से पहले लिख दिया था। लेकिन बाद में हनुमान लला को इस ग्रंथ को समुद्र में डुबोना पड़ा। आखिर ऐसा क्या हुआ था कि हनुमान जी को अपनी ही रामायण को समुद्र में डुबोना पड़ा।

Hanuman ji Wrote Ramayana before Valmiki
Dara singh as hanuman - फोटो : social media

शास्त्रों के अनुसार, लंका पर विजय के बाद भगवान राम अयोघ्या में राज करने लगे थे और हनुमानजी हिमालय पर शिवजी की तपस्या करने के लिए आ गए। इसी दौरान एक शिला में हनुमान जी रोज अपने प्रभु का स्मरण करते हुए नाखून से राम कथा लिखते थे।

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Hanuman ji Wrote Ramayana before Valmiki
hanuman - फोटो : social media

वहीं महर्षि वाल्मीकि ने भी रामायण लिखने के बाद भगवान शिव को इसे समर्पित करने के उद्देश्य से कैलाश पर्वत पहुंच गए। वहां पर पहले से हनुमानजी द्वारा लिखी रामायण को देखकर महर्षि को बड़ा आश्चर्य हुआ। उन्हें आश्चर्य इस बात का था कि एक योद्धा प्रभु श्रीराम के जीवन का वर्णन इतने सुंदर ढंग से कैसे कर सकता है। इस पर उन्होंने हनुमान जी के काव्य की खूब प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आपकी रचना के सामने मेरी रचना कुछ भी नहीं।

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Hanuman ji Wrote Ramayana before Valmiki
hanuman
यह सुनकर हनुमान जी के मन में विचार आया कि वाल्मीकि जी एक महान कवि हैं और वे रामभक्त भी हैं। मेरी रचना उनसे सुंदर है तो क्या हुआ, उनकी रामायण में भी तो मेरे प्रभु की महिमा बतायी गई है। इसलिए मुझे ऐसा कार्य करना चाहिए, जिससे कि संसार उन्हीं की रचना को याद रखे। इसके बाद हनुमान जी ने शिला में लिखी अपनी रामायण को उठाया और समुद्र में उसे विसर्जित कर दिया। हनुमद रामायण हमेशा के लिए समुद्र में समा गई।
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