Vinayaka Chaturthi 2023: प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी का व्रत किया जाता है। इस समय आश्विन माह चल रहा है और इस माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि आज यानी 18 अक्तूबर को है। विनायक चतुर्थी के दिन मंगलकर्ता भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस व्रत को करने से जातकों के समस्त प्रकार के विघ्न-बाधा मिट जाते हैं। गणपति महाराज सभी देवताओं में सबसे पहले पूजे जाते हैं। किसी भी शुभ काम की शुरुआत या पूजा-पाठ से पहले इन्ही का आवाहन किया जाता है। इनकी पूजा से आरंभ किए गए किसी कार्य में बाधा नहीं आती है, इसलिए गणेश भगवान को विघ्नहर्ता कहा जाता है। विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का विधि-विधान के साथ पूजन करने से घर में सौभाग्य और सुख, समृद्धि में वृद्धि होती है। चलिए जानते हैं विनायक चतुर्थी की पूजा विधि और महत्व के बारे में...
Vinayaka Chaturthi 2023: अश्विन विनायक चतुर्थी आज, जानिए पूजा विधि और महत्व
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरूआत बुधवार को रात में 01 बजकर 26 मिनट से होकर गुरुवार को देर रात 01 बजकर 12 मिनट पर समाप्त होगा। उदया तिथि के अनुसार विनायक चतुर्थी का व्रत आज यानी 18 अक्तूबर को ही रखा जा रहा है।
आज 18 अक्तूबर को गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 58 मिनट से दोपहर 01 बजकर 15 मिनट तक है।
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विनायक चतुर्थी पूजा विधि
- विनायक चतुर्थी वाले दिन सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें।
- स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
- भगवान गणेश को स्नान कराएं। स्नान के बाद भगवान गणेश को साफ वस्त्र पहनाएं।
- भगवान गणेश को सिंदूर का तिलक लगाएं।
- गणेश भगवान को दूर्वा अति प्रिय होता है। ऐसे में इस दिन गणेश जी को दूर्वा अर्पित करना चाहिए।
- गणेश जी को लड्डू, मोदक का भोग लगाएं। आखिर में आरती जरूर करें।
विनायक चतुर्थी का महत्व
धार्मिक शास्त्र में विनायक चतुर्थी का बहुत ज्यादा महत्व है। इस दिन विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश गणेश की पूजा करने से सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। साथ ही कार्यों में किसी भी तरह की कोई रुकावट नहीं आती है।