Teej Vrat: तृतीया तिथि की स्वामिनी गौरी माता है। बुधवार को मृत्युदा और मंगल को यह तिथि सिद्धदा होती है। शुक्ल और कृष्ण दोनों ही पक्ष की इस तिथि को शिवपूजन निषेध है, लेकिन हरियाली, कजरी और हरतालिका तीज पर शिव पूजन कर सकते हैं। यह तिथि आरोग्य देने वाली है। हिंदू धर्म में तीज नाम से कई व्रत-त्योहार है, लेकिन 7 तीज को महत्वपूर्ण माना गया है। यहां विस्तार से जानिए...
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Teej Vrat: देशभर में 7 तरह की मनाई जाती हैं तीज, जानिए हरतालिका तीज से लेकर कजरी तीज तक सबके विधान
Thu, 21 Aug 2025 12:39 PM IST
ज्योति मेहरा
शैली प्रकाश
शैली प्रकाश
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Thu, 21 Aug 2025 12:39 PM IST
सार
हिंदू धर्म में तीज नाम से कई व्रत-त्योहार है, लेकिन 7 तीज को महत्वपूर्ण माना गया है। आइए इसके बारे में यहां विस्तार से जानते हैं..
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Lord Shiva and Goddess Parvati
- फोटो : Adobe stock
हरियाली तीज
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1. हरियाली तीज: हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है। इस दिन महिलाएं सामान्य व्रत रखती हैं, मेहंदी लगाती हैं, श्रृंगार करती हैं, हरा लहरिया या चुनरी में गीत गाती हैं, झूला झूलती हैं और खुशियां मनाती हैं। दरअसल माता पार्वती के व्रत की शुरुआत हरियाली तीज से होकर हरतालिका तीज को समाप्त होती है। हरियाली तीज के दिन अनेक स्थानों पर मेले लगते हैं और माता पार्वती की सवारी बड़े धूमधाम से निकाली जाती है। आस्था, सौंदर्य और प्रेम का यह त्योहार हरियाली तीज भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन की याद में मनाया जाता है।
कजरी तीज
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2. कजरी तीज: इसे कजली और सतवा तीज भी कहते हैं। इस व्रत में सत्तू का विशेष महत्व है, इसलिए इसे सातुड़ी तीज भी कहा जाता है। यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को आता है। यह पर्व पति की लंबी उम्र, वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। कजरी तीज का व्रत करवा चौथ की तरह ही बहुत कठिन होता है और इसे सुहागिन महिलाएं निर्जला रखती हैं। चांद निकलने पर उसे अर्घ्य देकर पारण किया जाता है यानी व्रत खोला जाता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। इस दिन महिलाएं घरों में झूले लगाती हैं और साथ में लोक गीत गाती हैं जिन्हें कजरी गीत कहा जाता है। कुछ क्षेत्रों में इस दिन गायों की भी पूजा की जाती है और उन्हें हरी घास या रोटी खिलाई जाती है। कुछ जगहों पर नीमड़ी माता की पूजा भी की जाती है। कहते हैं कि यह त्योहार भी भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
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हरतालिका तीज
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3. हरतालिका तीज: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। हरियाली तीज के दिन विवाहित स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं। हरितालिका तीज के दिन सुहागन स्त्रियां कड़ा व्रत रखती हैं जिसके नियम भी कड़े रहते हैं। दिन और रात में निश्चित समय पर पूजा होती है। इस दिन सौभाग्यवती स्त्रियां अपने सुहाग को अखंड बनाए रखने और अविवाहित युवतियां मन मुताबिक वर पाने के लिए हरतालिका तीज का कठिन व्रत करती हैं और रात्रि का जागरण करती हैं। मां पार्वती ने भगवान शिवजी को वर रूप में प्राप्त करने के लिए घोर वन में घोर तप किया और बालू के शिवलिंग बनाकर उनका पूजन किया, जिससे प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें वर दिया। इसी की याद में यह त्योहार मानते हैं। माता ने जब यह व्रत किया था, तब भाद्रपद की तीज तिथि थी व हस्त नक्षत्र था। उन्हें स्वयं शिवजी प्राप्त हुए थे। कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश व तमिलनाडु में हरतालिका तीज को गौरी हब्बा के नाम से जाना जाता है।
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आखा तीज
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4. आखा तीज: वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया भी कहते हैं। वर्ष में साढ़े तीन अक्षय मुहूर्त है। हिंदू नववर्ष, अक्षय तृतीया तथा विजय दशमी के अलावा तीन चन्द्र दिवस। इस दिन पूरा दिन ही शुभ मुहूर्त रहता है और यह सभी कार्यों को करने के लिए शुभ होती है। इस दिन को स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना गया है। अक्षय तृतीया को अनंत-अक्षय-अक्षुण्ण फलदायक कहा जाता है। जो कभी क्षय नहीं होती उसे अक्षय कहते हैं। इस दिन विवाह करना बहुत शुभ माना जाता है। इसलिए विवाह के लिए यह सबसे शुभ मुहूर्त होता है। इस दिन भगवान नर-नारायण सहित परशुराम और हयग्रीव का अवतार हुआ था। इसके अलावा, ब्रह्माजी के पुत्र अक्षय कुमार का जन्म भी इसी दिन हुआ था। मां गंगा का अवतरण भी इसी दिन हुआ था। बद्रीनारायण के कपाट भी इसी दिन खुलते हैं। इसी दिन सतयुग और त्रेता युग का प्रारंभ हुआ था और द्वापर युग का समापन भी इसी दिन हुआ। यह तिथि किसी भी नए काम की शुरुआत, खरीदारी, विवाह के लिए बहुत ही शुभ मानी जाती है। समस्त शुभ कार्यों के अलावा प्रमुख रूप से शादी, स्वर्ण खरीदने, नया सामान, गृह प्रवेश, पदभार ग्रहण, वाहन क्रय, भूमि पूजन तथा नया व्यापार प्रारंभ कर सकते हैं।