Shani Amavasya 2025: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है। इस दिन पितरों की पूजा व पिंडदान करने से पितृदोष से लेकर अन्य समस्याओं से मुक्ति प्राप्त होती हैं। इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान और जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा देने से सभी नकारात्मक शक्तियों का भी अंत होता है। वहीं अमावस्या तिथि शनिवार को पड़ने पर इसका महत्व और भी कई गुना बढ़ जाता है। बता दें, जब भी अमावस्या शनिवार के दिन होती है, तो इसे शनिश्चरी या शनि अमावस्या कहा जाता है। इस तिथि पर पूर्वजों का आशीर्वाद पाने के साथ-साथ शनि देव की भी विशेष कृपा मिलती है।
Shani Amavasya 2025: ग्रहण के साए में शनि अमावस्या, इन मंत्रों के जप से पाएं पितृ दोष से मुक्ति
Shani Amavasya 2025: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है। इस दिन पितरों की पूजा व पिंडदान करने से पितृदोष से लेकर अन्य समस्याओं से मुक्ति प्राप्त होती हैं।
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जानिए शनिदेव की पूजा करते वक्त किन मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है.
2. शनि गायत्री मंत्र
ॐ शनैश्चराय विदमहे छायापुत्राय धीमहि ।
3. शनि बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रों स: शनैश्चराय नमः ।।
4. शनि स्तोत्र
ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम ।
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम ।।
सुर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्ष: शिवप्रिय: ।
दीर्घचार: प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि: ।।
तन्नो मंद: प्रचोदयात ।।
"ॐ शं शनैश्चराय नमः"
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
"ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। सय्योंरभीस्रवन्तुनः।।