17 अक्टूबर 2018, बुधवार को सूर्य तुला राशि में गोचर करेंगे और 16 नवंबर तक इसी राशि में रहेंगे। सूर्य एक राशि में एक महीने तक रहते हैं। आत्मकारक सूर्य किसी भी जातक के भीतर आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। उसे तमाम विषम परिस्थितियों से लोहा लेने की ताकत प्रदान करते हैं। ऐसे में जिन लोगों में आत्मविश्वास की कमी है या फिर वो अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते हैं, उन्हें प्रतिदिन उगते सूर्य का दर्शन एवं उन्हें जल अर्पित करना चाहिए। आइए जानते हैं कि सूर्य का राशि परिवर्तन 12 राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा —
सूर्य का राशि परिवर्तन : इन 3 राशियों को मिलेगा बड़ा पद और बरसेगा पैसा, जानें बाकी राशियों का हाल
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मेष
पंचमेश सूर्य का गोचर सप्तम भाव में होने से वैवाहिक सुखों में कमी, एसिडिटी, हड्डियों की परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसी स्थिति में अपने पार्टनर के साथ बहुत ही धैर्य के साथ बात करें।
वृष
चतुर्थेश होकर रिपु भाव में गोचर करने के कारण पिता को कष्ट का कारण बन सकता है। यदि कोर्ट-कचहरी में कोई कानूनी मामला चल रहा है तो उसमें कुछेक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। विद्यार्थियों और कंपटीशन की तैयारी में जुट लोगों के लिए सूर्य का राशि परिवर्तन बेहतर परिणाम वाला साबित होगा।
मिथुन
परक्रमेश होकर पंचम में गोचर करने के कारण यदि संतान जन्म का समय है तो आपरेशन की नौबत आ सकती है। इस दौरान संतान से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। प्रेम-प्रसंग से जुड़े मामले में चला आ रहा विवाद दूर होगा।
कर्क
धनेश और कुटुंब भाव का स्वामी हो चतुर्थ में गोचर होने से हड्डियों की तकलीफ बढ़ा सकता है। इस दौरान आत्मविश्वास में कमी आएगी। आपत्तिकाल के लिए पैसा बचाकर रखें। आय भाव पर दृष्टि होने से नुकसान से बचेंगे। पिता की सेहत का ध्यान रखें।