Sheetala Ashtami 2022: रंगों के उत्सव के बाद चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला माता की आराधना की जाती है। आम बोलचाल भाषा में इसे बसोड़ा भी कहा जाता है। सेहत की दृष्टि से देखा जाए तो बसोड़ा पर्व होली के बाद मौसम में आने बदलाव के लिए तैयार होने का संदेश देता है। सेहत की रक्षा के लिए सर्वमान्य नियम है कि जब भी मौसम में बदलाव हो तो अपने रहन-सहन और खान-पान भी उसी अनुसार परिवर्तन कर लेना चाहिए अन्यथा कोई रोग आपको जकड़ सकता है। धार्मिक और आयुर्वेद मान्यता के अनुसार हमारी इम्युनिटी पावर को बढ़ाने के लिए इस दिन त्रितापों से मुक्ति दिलाने वाली शीतला माता की पूजा की जाती है।
Sheetala Ashtami 2022: शीतला मां के स्वरूप से बीमारियों से बचने का मिलता है सन्देश, जानिए कैसे?
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 22 Mar 2022 07:15 AM IST
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