Shardiya Navratri 2024 Ashtami-Navami Date: 3 अक्तूबर 2024 से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है, जो 11 अक्तूबर तक चलेंगे। नवरात्रि के नौ दिनों में प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस पर्व को पूरे भारत में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। माता के आगमन की खुशी में भजन-कीर्तन, जागरण, गरबा और तमाम धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। माना जाता है कि इन नौ दिनों के दौरान माता रानी अपने भक्तों के बीच पृथ्वी लोक पर ही रहती हैं। ऐसे में माता रानी का पूजन और उपासना करने से देवी मां अपने भक्तों के सभी कष्ट हर लेती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। बहुत से लोग इस दौरान नौ दिनों तक उपवास रखते हैं और अष्टमी या नवमी के दिन व्रत खोलकर कन्या पूजन करते हैं। ऐसे में आइये जानते हैं कि इस साल शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि कब है।
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Shardiya Navratri 2024: कब है शारदीय नवरात्रि की अष्टमी-नवमी? जानें सही तिथि, मुहूर्त और व्रत पारण समय
Sat, 05 Oct 2024 07:26 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Sat, 05 Oct 2024 07:26 AM IST
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कब है अष्टमी-नवमी?
- फोटो : Amar Ujala
Pooja Thali
- फोटो : freepik
कब है अष्टमी-नवमी?
इस साल शारदीय नवरात्रि में महाष्टमी 11 अक्टूबर 2024 को है। इस दिन संधि पूजा भी की जाएगी। पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 10 अक्टूबर 2024 को दोपहर 12.31 से शुरू हो रही है, जो 11 अक्टूबर 2024 को दोपहर 12.06 पर समाप्त हो जाएगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी।
इस साल शारदीय नवरात्रि में महाष्टमी 11 अक्टूबर 2024 को है। इस दिन संधि पूजा भी की जाएगी। पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 10 अक्टूबर 2024 को दोपहर 12.31 से शुरू हो रही है, जो 11 अक्टूबर 2024 को दोपहर 12.06 पर समाप्त हो जाएगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी।
Pooja Thali
- फोटो : freepik
चर (सामान्य) - सुबह 06.20 - सुबह 07.47
लाभ (उन्नति) - सुबह 07.47 - सुबह 09.14
अमृत (सर्वोत्तम) - सुबह 09.14 - सुबह 10.41
लाभ (उन्नति) - सुबह 07.47 - सुबह 09.14
अमृत (सर्वोत्तम) - सुबह 09.14 - सुबह 10.41
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navratri
- फोटो : freepik
अष्टमी-नवमी एक ही दिन
इस बार शारदीय नवरात्रि में सप्तमी और अष्टमी एक ही दिन है, जो 10 अक्तूबर को है। शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि में जब सप्तमी-अष्टमी एक साथ ही दिन हो, तो दुर्गाष्टमी का व्रत उस दिन नहीं करना चाहिए। इसे निषेध माना गया है। इसलिए इस साल 11 अक्टूबर 2024 को ही अष्टमी और नवमी दोनों मनाई जाएगी। यानी अष्टमी और नवमी पर व्रत रखने वाले 11 अक्तूबर को ही व्रत रख सकते हैं।
इस बार शारदीय नवरात्रि में सप्तमी और अष्टमी एक ही दिन है, जो 10 अक्तूबर को है। शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि में जब सप्तमी-अष्टमी एक साथ ही दिन हो, तो दुर्गाष्टमी का व्रत उस दिन नहीं करना चाहिए। इसे निषेध माना गया है। इसलिए इस साल 11 अक्टूबर 2024 को ही अष्टमी और नवमी दोनों मनाई जाएगी। यानी अष्टमी और नवमी पर व्रत रखने वाले 11 अक्तूबर को ही व्रत रख सकते हैं।
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Shardiya Navratri 2024
- फोटो : freepik
शारदीय नवरात्रि 2024 व्रत पारण
इस साल शारदीय नवरात्रि व्रत का पारण आप कन्या पूजन के बाद कर सकते हैं। हालांकि, नवरात्रि व्रत के पारण के लिए सबसे उपयुक्त समय नवमी की समाप्ति के बाद माना जाता है, जब दशमी तिथि प्रचलित हो।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
इस साल शारदीय नवरात्रि व्रत का पारण आप कन्या पूजन के बाद कर सकते हैं। हालांकि, नवरात्रि व्रत के पारण के लिए सबसे उपयुक्त समय नवमी की समाप्ति के बाद माना जाता है, जब दशमी तिथि प्रचलित हो।