फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Shardiya Navratri 2023: क्या कहते हैं मां दुर्गा के नौ स्वरूप? जानिए सभी देवियों के अलग-अलग रहस्य

Sun, 15 Oct 2023 09:57 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Sun, 15 Oct 2023 09:57 AM IST
विज्ञापन
Shardiya Navratri 2023 devi durga nine avtar and forms know the meaning of navdurga puja in hindi
मां दुर्गा के नौ स्वरूप - फोटो : अमर उजाला

Shardiya Navratri 2023: आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्तूबर 2023 से होने जा रही है। इसका समापन 24 अक्तूबर को होगा। 24 अक्तूबर को ही विजया दशमी यानी दशहरा है। नवरात्रि के नौ दिन बहुत ही पावन माने जाते हैं। हर साल मां अंबे के भक्त शारदीय नवरात्रि के पर्व को पूरी श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। इस दौरान मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। शारदीय नवराकत्रि में आश्विन मास की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तक देवी दुर्गा के जिन नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है, उन सभी का अलग-अलग महत्व है। इसी कड़ी में आइये जानें किस देवी की पूजा से क्या वरदान प्राप्त होता है...  



Shardiya Navratri 2023: नवरात्रि में इन 5 चीजों को खरीदना होता है शुभ, प्रसन्न होती हैं मां दुर्गा

Shardiya Navratri 2023 devi durga nine avtar and forms know the meaning of navdurga puja in hindi
मां दुर्गा के नौ स्वरूप - फोटो : amar ujala
प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्रीः हिमालय की पुत्री

नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। शैलपुत्री देवी दुर्गा का पहला स्वरूप हैं। पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म लेने कारण ये देवी शैलपुत्री नाम से विख्यात हुईं। देवी का यह स्वरूप इच्छाशक्ति और आत्मबल को दर्शाता है। मां दुर्गा का यह मानवीय स्वरूप बताता है कि मनुष्य की सकारात्मक इच्छाशक्ति ही भगवती की शक्ति है। इनकी पूजा करने से चंद्रमा से संबंधित सभी दोष दूर होते हैं। 

Shardiya Navratri 2023 devi durga nine avtar and forms know the meaning of navdurga puja in hindi
मां दुर्गा के नौ स्वरूप - फोटो : amar ujala
द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणीः तप की देवी

देवी दुर्गा का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। ब्रह्मा की इच्छाशक्ति और तपस्विनी का आचरण करने वाली यह देवी त्याग की प्रतिमूर्ति हैं। इनकी उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है। साथ ही कुंडली में मंगल ग्रह से जुड़े सारे दोषों से मुक्ति मिल जाती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Shardiya Navratri 2023 devi durga nine avtar and forms know the meaning of navdurga puja in hindi
मां दुर्गा के नौ स्वरूप - फोटो : amar ujala
तृतीय स्वरूप मां चंद्रघण्टाः नाद की देवी

देवी दुर्गा का तीसरा स्वरूप मां चंद्रघण्टा हैं। माता के मस्तक पर घण्टे के आकार का चंद्र शोभित है। यही इनके नाम का आधार है। ये देवी एकाग्रता का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से आरोग्य का वरदान प्राप्त होता है। मां चंद्रघण्टा ऊर्जा बढ़ाती हैं। जो लोग एकाग्र नहीं रह पाते, क्रोधी स्वभाव और विचलित मन वाले हैं, उन्हें मां चंद्रघंटा की पूजा करनी चाहिए। 

Dussehra 2023 Date: इस साल कब है दशहरा? जानें सही तारीख और महत्व

विज्ञापन
Shardiya Navratri 2023 devi durga nine avtar and forms know the meaning of navdurga puja in hindi
मां दुर्गा के नौ स्वरूप - फोटो : amar ujala
चतुर्थ स्वरूप मां कूष्माण्डाः जननी स्वरूपा

जगत जननी मां जगदंबे के चौथे स्वरूप का नाम कूष्माण्डा है। देवी का यह स्वरूप ब्रहमांड का सृजन करता है। अपनी मंद, हल्की हंसी द्वारा ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इनका नाम कूष्माण्डा पड़ा। मां कूष्माण्डा नवीनता का प्रतीक हैं और सृजन की शक्ति हैं। अपनी लौकिक, परलौकिक उन्नति चाहने वालों को कूष्माण्डा मां की उपासना जरूर करनी चाहिए। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed