Seventh Sawan Somwar 2023: इस बार अधिक मास की वजह से सावन में कुल 8 सोमवार पड़ रहे थे। आज यानी 21 अगस्त 2023 को सावन का सातवां सोमवार है। इसके बाद आठवां और आखिरी सोमवार 28 अगस्त को है। ऐसे में महादेव की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्तों के पास दो सोमवार बचे हुए हैं। सावन के सोमवार पर व्रत रखकर शिव जी की पूजा करने से मनोवांच्छित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही विवाह योग्य लड़के-लड़कियों के लिए जल्द शादी के रिश्ते आते हैं। इस बार सावन का सतावां सोमवार बहुत ही खास है, क्योंकि इस दिन नाग पंचमी भी है। ऐसे में इस दिन पूजा करने से शिव जी के साथ ही नाग देवता की भी कृपा प्राप्त होगी। तो चलिए जानते हैं शिव जी की पूजा विधि और महत्व...
Sawan Somwar 2023: बहुत खास है सावन का सातवां सोमवार, शिव जी और नाग देवता एक साथ देंगे आशीर्वाद
फूल, पंच फल पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगाजल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी, चंदन, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार सामग्री।
- सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और इसके बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
- साथ ही देवी पार्वती और नंदी को भी गंगाजल या दूध चढ़ाएं।
- पंचामृत से रुद्राभिषेक करें और बेल पत्र अर्पित करें।
- शिवलिंग पर धतूरा, भांग, आलू, चंदन, चावल चढ़ाएं। इसके बाद शिव जी के साथ माता पार्वती और गणेश जी को तिलक लगाएं।
- प्रसाद के रूप में भगवान शिव को घी-शक्कर का भोग लगाएं।
- आखिर में धूप, दीप से भगवान भोलेनाथ की आरती करें और पूरे दिन फलाहार हर कर शिव जी का स्मरण करते रहें।
भगवान शिव के मंत्र 'ॐ नम: शिवाय' को बेहद चमत्कारी माना जाता है। इस मंत्र का सकारात्मक परिणाम बहुत जल्दी ही देखने को मिलता है। इसलिए हर सोमवार इस मंत्र का जाप जरूर करें।
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शिव जी के इस मंत्र को रुद्र मंत्र कहा जाता है। मान्यता है कि ये मंत्र शिघ्र शिव जी तक आपकी सभी मनोकामनाएं पहुंचाता है।