Ramadan 2026 Date: मुस्लिम और गैर-मुस्लिम दोनों ही रमजान को इस्लामी कैलेंडर का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण महीना मानते हैं। यह महीना रोजा रखने, आत्मचिंतन करने और अल्लाह की इबादत में खुद को समर्पित करने का होता है। रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसकी शुरुआत चांद दिखने पर होती है।
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Ramadan 2026: पहला रोजा कब होगा? जानें ईद-उल-फितर और लैलात अल-कद्र की पूरी जानकारी
Sun, 08 Feb 2026 07:30 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Sun, 08 Feb 2026 07:30 AM IST
सार
Ramadan 2026: साल 2026 में रमजान फरवरी महीने में शुरू होने की संभावना है, जिससे रोजेदारों को मौसम की वजह से रोजा रखने में सहूलियत मिल सकती है। आइए जानते हैं कि इस साल रमजान कब से शुरू होने वाला है।
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रमजान 2026 की तारीख
- फोटो : Amar Ujala
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फरवरी 2026 में कब से शुरू होगा रमजान?
- फोटो : adobestock
फरवरी 2026 में कब से शुरू होगा रमजान?
मुस्लिम एड वेबसाइट संस्था के अनुसार, माह-ए-रमजान 2026 की शुरुआत 19 या 20 फरवरी से हो सकती है। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि चांद दिखने पर ही होगी। रमजान का महीना 29 या 30 दिनों का होता है।
- चांद 18 फरवरी की शाम को दिखने पर पहला रोजा 19 फरवरी को रखा जाएगा।
- अगर चांद नहीं दिखा, तो रोजा 20 फरवरी से शुरू होगा।
रमजान 2026 की मुख्य तारीखें
- फोटो : adobestock
रमजान 2026 की मुख्य तारीखें
- रमजान 2026 की शुरुआत- 19 या 20 फरवरी
- रमजान कितने दिन का होगा- 29 या 30 दिन
- रमजान खत्म होने की तारीख- लगभग 20 मार्च
- लैलात अल-कद्र 2026- 27वां रमजान (संभावित तारीख 17 मार्च)
- ईद-उल-फितर 2026: 20 या 21 मार्च के आसपास
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लैलात अल-कद्र का महत्व
- फोटो : Amar Ujala
लैलात अल-कद्र का महत्व
लैलात अल-कद्र रमजान की आखिरी 10 रातों की विषम रातों में से एक होती है। इस रात को हजार महीनों से बेहतर बताया गया है। कई हदीसों के अनुसार, 27वीं रात को लैलात अल-कद्र माना जाता है। इस रात में इबादत, दुआ, दान और नेक काम का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।
लैलात अल-कद्र रमजान की आखिरी 10 रातों की विषम रातों में से एक होती है। इस रात को हजार महीनों से बेहतर बताया गया है। कई हदीसों के अनुसार, 27वीं रात को लैलात अल-कद्र माना जाता है। इस रात में इबादत, दुआ, दान और नेक काम का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।
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ईद-उल-फितर कब और क्यों मनाई जाती है?
- फोटो : Amar Ujala
ईद-उल-फितर कब और क्यों मनाई जाती है?
ईद-उल-फितर रमजान के महीने के खत्म होने के बाद मनाई जाती है। इसे “रोजा खोलने का त्योहार” भी कहा जाता है। 30 रोजे पूरे होने के बाद शव्वाल महीने के पहले दिन ईद मनाई जाती है। लोग इस दिन एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ समय बिताते हैं और बच्चों को ईदी देते हैं। ईद-उल-फितर अल्लाह के प्रति आभार का प्रतीक है। यह पर्व त्याग और भाईचारे का संदेश देती है।
ईद-उल-फितर रमजान के महीने के खत्म होने के बाद मनाई जाती है। इसे “रोजा खोलने का त्योहार” भी कहा जाता है। 30 रोजे पूरे होने के बाद शव्वाल महीने के पहले दिन ईद मनाई जाती है। लोग इस दिन एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ समय बिताते हैं और बच्चों को ईदी देते हैं। ईद-उल-फितर अल्लाह के प्रति आभार का प्रतीक है। यह पर्व त्याग और भाईचारे का संदेश देती है।