Ramadan 2021 Date: रमजान का पाक महीना 13 या 14 अप्रैल (चंद्र गणना के हिसाब से) से शुरू होगा। यह महीना इस्लाम मजहब के मानने वालों के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण होता है। रमजान माह में रोजा रखना और नमाज पढ़ना मुस्लिम समुदाय के लिए जरूरी माना गया है। इस्लामिक नियम के आधार पर रोजे और इबादत का यह महीना तीन अशरों में विभाजित किया गया है जिनका अपना-अपना महत्व है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से -
Ramadan 2021: रमजान के पाक माह में होते हैं तीन अशरें, हर एक का है अलग महत्व
रमजान के महीने में 3 अशरे
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पहला अशरा
1-10 दिन रहमत का अशरा।
- दूसरा अशरा
11-20 दिन गुनाहों की माफी का अशरा।
- तीसरा अशरा
21-30 दिन जहन्नम की आग से खुद को बचाने का अशरा।
रमजान का पहला अशरा
रमजान का पहला अशरा रहमत का होता है। इस महीने के पहले 10 दिन में रोजा रखने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है। इस्लामिक धर्म के अनुसार इन दिनों में अधिक से अधिक दान करना चाहिए और जरूरतमंद, गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों में सभी के साथ प्यार से रहना चाहिए।
रमजान का दूसरा अशरा
रमजान का दूसरा अशरा माफी का होता है। दूसरा अशरा 11वें रोजे से 20वें रोजे तक चलता है। इस्लामिक धर्म के अनुसार इन दिनों में इबादत कर, अल्लाह से किए गए गुनाओं की माफी मांगी जाती है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार दूसरे अशरे के दौरान जो भी व्यक्ति अपने गुनाहों के लिए मांफी मांगता है, उसे अल्लाह माफ करते हैं।
रमजान का तीसरा अशरा
रमजान का तीसरा यानी अंतिम अशरा जहन्नम की आग से खुद को बचाने के लिए होता है। ये अशरा सबसे महत्वपूर्ण भी माना जाता है। 21वें रोजे से शुरू होकर 30वें रोजे तक ये अशरा चलता है। इस्लामिक धर्म के अनुसार तीसरे और अंतिम अशरे के दौरान अल्लाह से जहन्नम से बचने के लिए दुआ की जाती है।