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Ram Navami 2025: राम नवमी पर करें इन मंत्रों का जाप, नोट कर लें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
Sun, 06 Apr 2025 05:42 AM IST
ज्योति मेहरा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Sun, 06 Apr 2025 05:42 AM IST
सार
राम नवमी का पर्व हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, जिन्हें विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है। आइए जानते हैं इस साल राम नवमी किस दिन मनाई जाएगी।
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राम नवमी 2025 तिथि
- फोटो : adobe stock
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Ram Navami 2025: राम नवमी का पर्व हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, जिन्हें विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान राम ने धरती पर अधर्म का नाश करने और धर्म की पुनः स्थापना के लिए अवतार लिया था। इस दिन को हिंदू धर्म में बहुत ही शुभ माना जाता है। राम नवमी का पर्व हर हिंदू परिवार में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, लेकिन अयोध्या में इसकी भव्यता देखते ही बनती है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
- फोटो : adobe stock
पूजा का शुभ मुहूर्त
राम नवमी के दिन मध्याह्न पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:08 बजे से लेकर दोपहर 1:39 बजे तक रहेगा। यह अवधि 2 घंटे 31 मिनट की रहेगी। हालांकि, मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्म दोपहर 12 बजे हुआ था, इसलिए 12:34 का समय विशेष रूप से शुभ माना जाता है और इस समय पूजन और अभिषेक करने से अत्यधिक पुण्य की प्राप्ति होती है।
राम नवमी के दिन मध्याह्न पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:08 बजे से लेकर दोपहर 1:39 बजे तक रहेगा। यह अवधि 2 घंटे 31 मिनट की रहेगी। हालांकि, मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्म दोपहर 12 बजे हुआ था, इसलिए 12:34 का समय विशेष रूप से शुभ माना जाता है और इस समय पूजन और अभिषेक करने से अत्यधिक पुण्य की प्राप्ति होती है।
राम नवमी पूजा मंत्र
- फोटो : Adobe
राम नवमी पूजा मंत्र
इस दिन श्रीराम के विभिन्न मंत्रों का जाप करने का विशेष महत्व होता है।
"ॐ श्री रामचन्द्राय नमः"
"ॐ रां रामाय नमः"
श्रीराम तारक मंत्र "श्री राम, जय राम, जय जय राम"
श्रीराम गायत्री मंत्र "ॐ दाशरथये विद्महे, सीतावल्लभाय धीमहि। तन्नो रामः प्रचोदयात्॥"
इस दिन इन मंत्रों का जाप करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
इस दिन श्रीराम के विभिन्न मंत्रों का जाप करने का विशेष महत्व होता है।
"ॐ श्री रामचन्द्राय नमः"
"ॐ रां रामाय नमः"
श्रीराम तारक मंत्र "श्री राम, जय राम, जय जय राम"
श्रीराम गायत्री मंत्र "ॐ दाशरथये विद्महे, सीतावल्लभाय धीमहि। तन्नो रामः प्रचोदयात्॥"
इस दिन इन मंत्रों का जाप करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
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राम नवमी पूजा विधि
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पूजा विधि
राम नवमी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करने और सूर्यदेव को जल अर्पित करने का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत का संकल्प लेने के बाद घर के मंदिर को अच्छे से साफ कर भगवान राम की प्रतिमा स्थापित की जाती है। दोपहर 12 बजे के करीब श्रीराम का गंगाजल, पंचामृत और शुद्ध जल से अभिषेक किया जाता है।
राम नवमी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करने और सूर्यदेव को जल अर्पित करने का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत का संकल्प लेने के बाद घर के मंदिर को अच्छे से साफ कर भगवान राम की प्रतिमा स्थापित की जाती है। दोपहर 12 बजे के करीब श्रीराम का गंगाजल, पंचामृत और शुद्ध जल से अभिषेक किया जाता है।
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राम नवमी पूजा विधि
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पूजा में तुलसी पत्ता और कमल का फूल रखना शुभ माना जाता है। फिर षोडशोपचार विधि से भगवान राम की पूजा की जाती है और खीर, फल एवं अन्य मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। इस दिन राम रक्षा स्तोत्र, सुंदरकांड और रामायण का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। अंत में आरती करने के बाद प्रसाद का वितरण किया जाता है और भक्तों को आशीर्वाद दिया जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।