सावन का महीना हिंदू धर्म में बहुत खास माना जाता है। इस महीने में अक्सर महिलाएं सोमवार को व्रत रख भोलेनाथ को प्रसन्न करने की कोशिश करती हैं। इसके अलावा इस महीने आने वाली एकादशी का भी खूब महत्व है। उत्तरी भारत के गांवों में इस महीने को लेकर खास झूले तक लगाए जाते हैं। यह महीना इतने त्योहारों के साथ एक और त्योहार लाता है जिसका इंतजार हर भाई-बहन को होता है।
हम बात कर रहे हैं रक्षा बंधन की। रक्षा बंधन भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है इस दिन बहन अपने भाई को राखी बांध लंबी उम्र की कामना करती है। हालांकि कई जगहों पर इस दिन भगवान को भी राखी बांधने का रिवाज है।
भाई-बहन का यह त्योहार इतना खास है कि यह सिर्फ एक खास धर्म तक ही सीमित नहीं रहा है। हर कोई अब इस त्योहार को अपने तरीके से, अपनी श्रद्धा से मनाता है।
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रक्षाबंधन के लिए नगर के सहादतपुरा में राखी खरीदतीं युवतियां।
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रक्षाबंधन का कितना महत्व है यह इसी बात से चलता है कि बद्रीनाथ में मौजूद एक खास विष्णु मंदिर के कपाट मात्र इसी दिन के लिए खोले जाते हैं। पूरे साल बंद रहने वाला यह मंदिर सिर्फ एक दिन के लिए ही भक्तों के लिए खुलता है। राखी की सुबह इस मंदिर का कपाट खुलता है और शाम को सूरज ढलने से पहले तक यहां पूजा अर्चना की जाती है, इसके बाद फिर से 364 दिन के लिए बंद हो जाता है।
इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 15 अगस्त को है। इस दिन मंदिर का कपाट खुलेगा और फिर पूजा-अर्चना के बाद शाम को बंद हो जाएगा। लोग अभी से मंदिर में दर्शन करने का इंतजार कर रहे हैं खासतौर पर बहनें इस मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन कर अपने भाइयों को राखी बांधती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण पांडवों के काल में हुआ था।