Raksha Bandhan Aarti Thali: रक्षाबंधन का पर्व भाई बहन के प्रेम को दर्शाता है। इस दिन बहनें भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं और उन्हें राखी बांधती है। राखी बांधने के बाद भाई बहन को उसकी रक्षा का वचन देता है। रक्षाबंधन में जितना राखी बांधना का महत्व है उतना ही महत्व राखी की थाली का भी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राखी की थाली में मां लक्ष्मी की भी कृपा बनाएं रखने के लिए कुछ चीजें काफी जरुरी होती हैं। भाई-बहन का त्योहार रक्षाबंधन इस साल 26 अगस्त को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं कि राखी की थाली में कौन-कौन सी चीजें रखना शुभ होता है।
Raksha Bandhan 2024: रक्षाबंधन पर राखी थाली में जरूर रखें ये सामग्री, मजबूत होगा भाई बहन का रिश्ता
राखी की थाली में क्या है जरूरी?
रक्षाबंधन में राखी की थाली का विशेष महत्व होता है। इस दिन बहनें भाई को राखी बांधने से पहले पूजा की थाली सजाती हैं। थाली में रोली, अक्षत, चंदन, दीपक, राखी और मिठाई आदि रखती हैं। रक्षाबंधन को लेकर ऐसी मान्यता है कि पहली राखी भगवान को समर्पित की जाती है। ऐसे में इस दिन बहनें सबसे पहले भगवान को राखी अर्पित करें। उसके बाद ही भाई को राखी बांधें और भाई के लंबी उम्र की कामना भी करें।
राखी बांधने की सही विधि
- रक्षाबंधन के दिन राखी बांधते समय कुछ नियमों का पालन जरूरी है।
- राखी बंधवाते समय ध्यान रखें कि भाई का मुख पूर्व दिशा में और बहन का पश्चिम दिशा में होना चाहिए।
- वहीं राखी बांधने से पहले बहनें अपने भाई को रोली, अक्षत का टीका लगाएं।
- घी के दीपक से आरती उतारें, उसके बाद मिठाई खिलाएं।
- भाई के दाहिने कलाई पर राखी बांधें और भाई के सुखी जीवन की कामना करें।
- इसके बदले में भाइयों को भी अपनी बहनों को कुछ उपहार जरूर देना चाहिए।
रक्षाबंधन पर राखी बांधने का मुहूर्त
19 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का मुहूर्त दोपहर में 01:30 मिनट से लेकर रात 09:08 मिनट तक है। रक्षाबंधन के त्योहार के दिन बहनों को अपने भाई को राखी बांधने के लिए 7 घंटे 38 मिनट तक का समय मिलेगा।
रक्षाबंधन पर शुभ योग
सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रात: 5 बजकर 53 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक
रवि योग: प्रात: 5 बजकर 53 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।