वैदिक पंचांग के अनुसार, 6 जून को निर्जला एकादशी का पावन पर्व मनाया जा रहा है, जिसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। यह एकादशी हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आती है और इसे सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, क्योंकि इस दिन जल तक ग्रहण नहीं किया जाता। इस विशेष अवसर पर श्रद्धालु भक्त विधि-विधान के साथ व्रत रखते हैं और लक्ष्मी नारायण जी की पूजा-अर्चना करते हैं।
Nirjala Ekadashi 2025 Wishes: पुण्य और परोपकार का प्रतीक है निर्जला एकादशी, अपने करीबियों को भेजें ये शुभकामना
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Fri, 06 Jun 2025 05:48 AM IST
सार
Nirjala Ekadashi Wishes in Hindi: वैदिक पंचांग के अनुसार, 6 जून को निर्जला एकादशी का पावन पर्व मनाया जा रहा है, जिसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। यह एकादशी हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आती है और इसे सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है
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