नवरात्रि पर्व की शुरुआत हो चुकी है। जगत जननी महादेवी दुर्गाजी की साधना-उपासना के क्रम में नवार्ण मंत्र एक चमत्कारी महामंत्र है। इस नौ अक्षर के दिव्यमंत्र में नौ ग्रहों को नियंत्रित करने की शक्ति समाई हुई हैं,जिसके माध्यम से भक्त सभी क्षेत्रों में पूर्ण सफलता आसानी से प्राप्त कर सकते हैं एवं भगवती दुर्गा का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है। दुर्गा माता की इन नौ शक्तियों को जागृत करने के लिए 'नवार्ण मंत्र'— 'ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे'सबसे श्रेष्ठ है। इसका हरेक-अक्षर मां दुर्गा की एक शक्ति से संबंधित है। साथ ही एक-एक ग्रह से भी इनका संबंध है। यह माता भगवती दुर्गा जी के तीनों स्वरूपों माता महासरस्वती,माता महालक्ष्मी व माता महाकाली की एक साथ साधना का पूर्ण प्रभावक बीज मंत्र है और साथ ही माता दुर्गा के नौ रूपों का संयुक्त मंत्र है और इसी महामंत्र से नौ ग्रहों को भी शांत किया जा सकता है। नवार्ण मंत्र का जप रुद्राक्ष माला पर करना चाहिए। नौ अक्षरों के नवार्ण मंत्र के पहले ॐ अक्षर जोड़कर दुर्गा सप्तशती में इसे दशाक्षर मंत्र का रूप दे दिया गया है। ॐ अक्षर के साथ दशाक्षर मंत्र भी नवार्ण मंत्र की तरह ही फलदायक होता है।
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Navratri 2022: सभी 9 ग्रहों के दुष्प्रभावों से बचाता है मां दुर्गा का यह मंत्र, मां शक्ति की आराधना में जरूर करें जाप
Tue, 05 Apr 2022 01:04 PM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 05 Apr 2022 01:04 PM IST
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नवरात्रि 2022 शुभकामना: अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
- फोटो : amar ujala
शैलपुत्री
- फोटो : amar ujala
नवार्ण मंत्र के पहले अक्षर 'ऐं' का संबंध दुर्गाजी के पहले स्वरूप या शक्ति माँ शैलपुत्री से है जिनकी प्रथम नवरात्रि को उपासना की जाती है। ऐं अक्षर सूर्य ग्रह को भी नियंत्रित करता है।
- Bharat Bhushan Ashu (@Ashumla) 5 Apr 2022
ब्रह्मचारिणी
- फोटो : amar ujala
दूसरा अक्षर 'ह्रीं'जिसका संबंध दुर्गाजी की दूसरी शक्ति देवी ब्रह्मचारिणी से है,इनकी पूजा दूसरे नवरात्रि को होती है। ये चंद्रमा ग्रह को नियंत्रित करता है।
- Som Parkash (@SomParkashBJP) 5 Apr 2022
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मां चंद्रघंटा
- फोटो : amar ujala
तृतीय अक्षर 'क्लीं'दुर्गाजी की तृतीया शक्ति माँ चंद्रघंटा से संबंधित है जिनकी पूजा तीसरे दिन की जाती है,इस बीज मंत्र में मंगल ग्रह को नियंत्रित करने की शक्ति समायी हुई है।
- Madan Kaushik (@madankaushikbjp) 5 Apr 2022
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मां कुष्मांडा
- फोटो : amar ujala
चतुर्थ अक्षर “चा” से माता दुर्गा के चौथे स्वरूप देवी कुष्मांडा की उपासना की जाती है,इस बीज मंत्र में बुध ग्रह को नियंत्रित करने की सामर्थ्य है।