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Nag Panchami 2025: शिव योग में 29 जुलाई को मनाया जाएगा नागपंचमी का पर्व, पूजा से आएगी समृद्धि
Mon, 28 Jul 2025 11:31 AM IST
ज्योति मेहरा
पं.मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य
पं.मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Mon, 28 Jul 2025 11:31 AM IST
सार
हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि के दिन नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार नागपंचमी पर व्रत रखकर रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय व जलाभिषेक करने पर भगवान शिव प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
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नागपंचमी पर बन रहे हैं शुभ संयोग
- फोटो : adobe stock
सावन मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि के दिन नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नाग पूजा करने से कालसर्प दोष का अशुभ प्रभाव कम होता है। इस बार नागपंचमी पर कई शुभ योग का संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नागपंचमी पर व्रत रखकर रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय व जलाभिषेक करने पर भगवान शिव प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
नागपंचमी पर्व का महत्व
- फोटो : adobe stock
नागपंचमी पर्व का महत्व
पौराणिक मान्यताओं में नागपंचमी पर्व का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से साधक और उसके परिवार की रक्षा होती है, समृद्धि आती है और सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित होता है। इस दिन नाग देवताओं को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के उद्देश्य से विभिन्न अनुष्ठान और परंपराएं निभाई जाती हैं।
पौराणिक मान्यताओं में नागपंचमी पर्व का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से साधक और उसके परिवार की रक्षा होती है, समृद्धि आती है और सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित होता है। इस दिन नाग देवताओं को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के उद्देश्य से विभिन्न अनुष्ठान और परंपराएं निभाई जाती हैं।
नागपंचमी पर्व का महत्व
- फोटो : adobe stock
भविष्य पुराण में आस्तिक मुनि द्वारा यज्ञ से नागों को बचाने की कथा है पुराण के अनुसार आस्तिक मुनि ने यज्ञ की आग में जलते हुए नागों पर दूध से अभिषेक किया था। इससे उन्हें शीतलता मिली और नागों ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि जो भी मनुष्य नागपंचमी के दिन उनकी पूजा करेगा, उसे सर्प दंश का भय नहीं रहेगा।
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कुंडली में ग्रहों की दशा को ठीक करने के उपाय
- फोटो : adobe stock
कुंडली में ग्रहों की दशा को ठीक करने के उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत पंचमी तिथि के स्वामी सर्प हैं। कुंडली में राहु-केतु की स्थिति ठीक न हो तो नागपंचमी के दिन नागों की पूजा से लाभ पाया जा सकता है। कुंडली में अगर कालसर्प दोष हो तो ऐसे जातकों को इस दिन नाग पूजा करने से इस दोष से मुक्ति मिल जाती है। कालसर्प दोष कुंडली में तब आता है जब सारे ग्रह राहु और केतु के मध्य आ जाते हैं। इसके अतिरिक्त राहु-केतु की दशा,अन्तर्दशा या गोचरीय प्रभाव के कारण यदि जीवन में कोई समस्या या बाधा आ रही है तो नागपंचमी के दिन नागों की पूजा करने पर राहु-केतु के दोष का प्रभाव कम हो जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत पंचमी तिथि के स्वामी सर्प हैं। कुंडली में राहु-केतु की स्थिति ठीक न हो तो नागपंचमी के दिन नागों की पूजा से लाभ पाया जा सकता है। कुंडली में अगर कालसर्प दोष हो तो ऐसे जातकों को इस दिन नाग पूजा करने से इस दोष से मुक्ति मिल जाती है। कालसर्प दोष कुंडली में तब आता है जब सारे ग्रह राहु और केतु के मध्य आ जाते हैं। इसके अतिरिक्त राहु-केतु की दशा,अन्तर्दशा या गोचरीय प्रभाव के कारण यदि जीवन में कोई समस्या या बाधा आ रही है तो नागपंचमी के दिन नागों की पूजा करने पर राहु-केतु के दोष का प्रभाव कम हो जाता है।
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नागपंचमी पर इन बातों का रखें ख्याल
- फोटो : adobe stock
नागपंचमी पर इन बातों का रखें ख्याल
नागपंचमी पर नाग देवता को दूध लावा चढ़ाना शुभ माना जाता है। नाग देवता को दूध पिलाना संभव न हो तो किसी शांत एकांत स्थान पर जाकर कटोरी में दूध और लावा रख आएं। नागपंचमी पर भूलकर भी किसी सांप की हत्या न करें। अगर इस दिन सर्प दिख जाए तो इसे दूर से प्रणाम करके अपना रास्ता बदलकर कहीं और चले जाएं। लेकिन भूलकर भी सांप को परेशान न करें।नागपंचमी के शुभ अवसर घर में या फिर मंदिर में रुद्राभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है।नागपंचमी के दिन भगवान शिव को नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ाने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं।
पं.मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य
नागपंचमी पर नाग देवता को दूध लावा चढ़ाना शुभ माना जाता है। नाग देवता को दूध पिलाना संभव न हो तो किसी शांत एकांत स्थान पर जाकर कटोरी में दूध और लावा रख आएं। नागपंचमी पर भूलकर भी किसी सांप की हत्या न करें। अगर इस दिन सर्प दिख जाए तो इसे दूर से प्रणाम करके अपना रास्ता बदलकर कहीं और चले जाएं। लेकिन भूलकर भी सांप को परेशान न करें।नागपंचमी के शुभ अवसर घर में या फिर मंदिर में रुद्राभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है।नागपंचमी के दिन भगवान शिव को नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ाने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं।
पं.मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य