{"_id":"6791e6b70d86ed9fc908f8a5","slug":"masik-shivratri-2025-date-offer-these-bhog-to-shiv-ji-for-good-luck-shiv-ji-ko-kya-bhog-lagaye-2025-01-23","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Masik Shivratri 2025: मासिक शिवरात्रि के दिन शिवजी को लगाएं इन चीजों का भोग, मिलेंगे शुभ फल","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Masik Shivratri 2025: मासिक शिवरात्रि के दिन शिवजी को लगाएं इन चीजों का भोग, मिलेंगे शुभ फल
Thu, 23 Jan 2025 12:59 PM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Thu, 23 Jan 2025 12:59 PM IST
सार
मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत रखने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और शिव के आशीर्वाद से मोक्ष प्राप्त होता है। मान्यता है कि शिव जी को विशेष भोग अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की इच्छाएं पूरी करते हैं। आइए जानते हैं कि इस बार मासिक शिवरात्रि कब है और भगवान शिव को कौन-कौन से भोग अर्पित किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
Masik Shivratri 2025
- फोटो : Amar Ujala
Masik Shivratri 2025 Bhog: मासिक शिवरात्रि का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, मासिक शिवरात्रि हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने पर व्यक्ति को मानसिक शांति और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और शिव के आशीर्वाद से मोक्ष प्राप्त होता है। मान्यता है कि शिव जी को विशेष भोग अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की इच्छाएं पूरी करते हैं। आइए जानते हैं कि इस बार मासिक शिवरात्रि कब है और भगवान शिव को कौन-कौन से भोग अर्पित किए जा सकते हैं।
shiv ji
- फोटो : freepik
जनवरी में कब है मासिक शिवरात्रि?
दृक पंचांग के अनुसार, माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का प्रारम्भ 27 जनवरी को शाम 8:34 बजे होगा और 28 जनवरी को शाम 07:35 बजे समापन होगा। ऐसे में 27 जनवरी को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा और पूजा-अर्चना की जाएगी।
दृक पंचांग के अनुसार, माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का प्रारम्भ 27 जनवरी को शाम 8:34 बजे होगा और 28 जनवरी को शाम 07:35 बजे समापन होगा। ऐसे में 27 जनवरी को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा और पूजा-अर्चना की जाएगी।
भगवान शिव को अर्पित करें ये भोग
- फोटो : Amar Ujala
मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव को अर्पित करें ये भोग
मखाने की खीर: इस दिन भगवान शिव को मखाने की खीर का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इससे सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
मालपुआ: भगवान शिव को मालपुए का भोग विशेष रूप से प्रिय है। इसे सादा या भांग के साथ अर्पित किया जा सकता है।
ठंडाई: दही, दूध, मसाले और मेवे से बनी ठंडाई का भोग लगाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
फल: मौसमी फलों का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है।
लस्सी: दूध और दही से बनी मीठी या नमकीन लस्सी का भोग भी लगाया जा सकता है।
मखाने की खीर: इस दिन भगवान शिव को मखाने की खीर का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इससे सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
मालपुआ: भगवान शिव को मालपुए का भोग विशेष रूप से प्रिय है। इसे सादा या भांग के साथ अर्पित किया जा सकता है।
ठंडाई: दही, दूध, मसाले और मेवे से बनी ठंडाई का भोग लगाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
फल: मौसमी फलों का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है।
लस्सी: दूध और दही से बनी मीठी या नमकीन लस्सी का भोग भी लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
kheer bhog puja
- फोटो : adobe stock
शिव जी के मंत्र
ॐ नमः शिवाय
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
ॐ नमः शिवाय
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
विज्ञापन
shiv ji
- फोटो : freepik
भगवान शिव की पूजा में ये चीजें अर्पित करें
भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व है। इसे शुद्ध जल से धोकर शिवलिंग पर अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा धतूरे के फूल भी भगवान शिव को अर्पित करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। मासिक शिवरात्रि पर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना और उपयुक्त भोग अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन की समस्याएं कम हो जाती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व है। इसे शुद्ध जल से धोकर शिवलिंग पर अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा धतूरे के फूल भी भगवान शिव को अर्पित करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। मासिक शिवरात्रि पर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना और उपयुक्त भोग अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन की समस्याएं कम हो जाती है।
Maha Kumbh 2025: चार पृथ्वी पर और आठ देवलोक में आयोजित होते हैं कुंभ, जानें इसका ज्योतिषीय महत्व
Mahakumbh 2025: महाकुंभ स्नान के दौरान करें इन मंत्रों का जाप, मिलेगी समस्त पापों से मुक्ति
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।