Margashirsha Purnima 2024: पूर्णिमा का दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और धन-वैभव की प्राप्ति होती है। वहीं मार्गशीर्ष मास को भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय मास माना गया है। इस माह में पड़ने वाली पूर्णिमा को ''मार्गशीर्ष पूर्णिमा'', "अगहन पूर्णिमा", "बत्तीसी पूर्णिमा" और "मोक्षदायिनी पूर्णिमा" जैसे नामों से जाना जाता है। यह दिन व्रत और पूजा के लिए बेहद विशेष माना जाता है, क्योंकि इसे हर मनोकामना को पूर्ण करने वाला दिन माना जाता है।
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Margashirsha Purnima 2024: कब है साल की अंतिम पूर्णिमा? जानें इसका महत्व और शुभ मुहूर्त
Thu, 28 Nov 2024 05:52 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Thu, 28 Nov 2024 05:52 AM IST
सार
मार्गशीर्ष माह में पड़ने वाली पूर्णिमा का दिन व्रत और पूजा के लिए बेहद विशेष माना जाता है। इसे हर मनोकामना को पूर्ण करने वाला दिन माना जाता है।
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मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2024
- फोटो : Amar Ujala
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मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2024
- फोटो : Freepik
मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2024 का समय
पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 14 दिसंबर 2024, शाम 4:58 बजे
पूर्णिमा तिथि का समापन: 15 दिसंबर 2024, दोपहर 2:31 बजे
चंद्रोदय का समय: शाम 5:14 बजे
पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 14 दिसंबर 2024, शाम 4:58 बजे
पूर्णिमा तिथि का समापन: 15 दिसंबर 2024, दोपहर 2:31 बजे
चंद्रोदय का समय: शाम 5:14 बजे
मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2024
- फोटो : Freepik
मार्गशीर्ष पूर्णिमा का विशेष महत्व
मार्गशीर्ष पूर्णिमा को "बत्तीसी पूर्णिमा" भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए दान का फल अन्य पूर्णिमाओं के मुकाबले 32 गुना अधिक बढ़ जाता है। इस दिन दान, तप, और पूजा करने वाले लोगों को पूरे वर्ष के सभी पुण्य कर्मों के समान फल प्राप्त होता है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा को "बत्तीसी पूर्णिमा" भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए दान का फल अन्य पूर्णिमाओं के मुकाबले 32 गुना अधिक बढ़ जाता है। इस दिन दान, तप, और पूजा करने वाले लोगों को पूरे वर्ष के सभी पुण्य कर्मों के समान फल प्राप्त होता है।
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मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2024
- फोटो : adobe
लक्ष्मी जी का आशीर्वाद पाने के उपाय
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर लक्ष्मी जी का आशीर्वाद पाने के लिए तुलसी के पौधे को लाल कलावा, लाल चुनरी, और कच्चा दूध अर्पित करें। सुबह और शाम घी का दीपक जलाने से घर में धन और समृद्धि का आगमन होता है। यह उपाय जीवन की सभी इच्छाओं को पूर्ण करने में सहायक माना जाता है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर लक्ष्मी जी का आशीर्वाद पाने के लिए तुलसी के पौधे को लाल कलावा, लाल चुनरी, और कच्चा दूध अर्पित करें। सुबह और शाम घी का दीपक जलाने से घर में धन और समृद्धि का आगमन होता है। यह उपाय जीवन की सभी इच्छाओं को पूर्ण करने में सहायक माना जाता है।
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मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2024
- फोटो : adobe stock
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर पूजा विधि
इस दिन व्रत रखकर भगवान नारायण की विशेष पूजा की जाती है। पूजा में "ॐ नमोः नारायण" मंत्र का जाप करते हुए भगवान को गंध, पुष्प, और नैवेद्य अर्पित करें। सत्यनारायण कथा का आयोजन करें और पूजा स्थल पर वेदी बनाकर हवन करें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
इस दिन व्रत रखकर भगवान नारायण की विशेष पूजा की जाती है। पूजा में "ॐ नमोः नारायण" मंत्र का जाप करते हुए भगवान को गंध, पुष्प, और नैवेद्य अर्पित करें। सत्यनारायण कथा का आयोजन करें और पूजा स्थल पर वेदी बनाकर हवन करें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।