Makar Sankranti 2020: जानेंं क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति
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क्यों मनाते हैं मकर संक्रांति का पर्व?
मकर संक्रांति पर्व को मनाने का ज्योतिषीय और धार्मिक कारण जुड़ा हुआ है। दरअसल ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य धनु राशि को छोड़कर अपने शत्रु ग्रह शनि की राशि मकर में प्रवेश करता है। ज्योतिष की इस घटना को मकर संक्रांति कहते हैं। इसके साथ ही सूर्य ग्रह दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर आता है। सूर्य की ये स्थिति बेहद शुभ होती है। धार्मिक नज़रिए देखें तो इस दिन सूर्य अपने पुत्र शनिदेव से नाराजगी छोड़कर उनके घर मिलने आते हैं। यही कारण है कि मकर संक्रांति के दिन को सुख और समृद्धि से भी जोड़ा जाता है।
मकर संक्रांति का वैज्ञानिक कारण
मकर संक्रांति से ही ऋतु में परिवर्तन होने लगता है। शरद ऋतु क्षीण होने लगती है और बसंत का आगमन शुरू हो जाता है। इसके फलस्वरूप दिन लंबे होने लगते हैं और रातें छोटी हो जाती है। मकर संक्रांति से ही ऋतु में परिवर्तन होने लगता है। शरद ऋतु क्षीण होने लगती है और बसंत का आगमन शुरू हो जाता है। इसके फलस्वरूप दिन लंबे होने लगते हैं और रातें छोटी हो जाती है।
उपरोक्त कारणों से यह पता चलता है कि मकर संक्रांति का पर्व क्यों मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मकर संक्रांति के शुभ अवसर जो व्यक्ति पवित्र नदी में डुबकी लगाता है उसे मोक्ष प्राप्त होता है। इस दान धर्म का कार्य करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है।