पौष माह के पूर्णिमा से भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थल जहां 3 नदियों का संगम है गंगा, यमुना और सरस्वती में माघ मेले की शुरुआत हो जाएगी। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महीना काफी पवित्र होता है और इस महीने में स्नान दान आदि का काफी महत्व होता है। प्रयागराज में लगने वाले इस मेले की शुरुआत 10 जनवरी, शुक्रवार से हो जाएगी और यह मेला महाशिवरात्रि तक चलता है। इस साल महाशिवरात्रि शुक्रवार, 21 फरवरी को है तो यह मेला 10 जनवरी से 21 फरवरी तक 43 दिनों तक चलेगा। आइए, अगली स्लाइड्स में हम आपको इस महीने के धार्मिक महत्व के बारें में बताते हैं।
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इस दिन से शुरू होगा प्रयागराज में माघ मेला, जानें इस माह का धार्मिक महत्व और प्रमुख त्योहार
Mon, 06 Jan 2020 02:17 PM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Mon, 06 Jan 2020 02:17 PM IST
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सबसे पवित्र तीर्थ स्थल जहां 3 नदियों का संगम है गंगा, यमुना और सरस्वती में माघ मेले की शुरुआत हो जाएगी
हिन्दू धर्म के अनुसार सभी महीनों में माघ मास का विशेष महत्व होता है
माघ माह का धार्मिक महत्व
- इस साल 2020 में माघ महीने की शुरुआत मंगलवार, 21 जनवरी से हो रही है। हिंदू कैलेंडर में नक्षत्र के नाम पर हर महीने का नाम रखा जाता है। मघा नक्षत्र के कारण इस महीने को माघ का महीना कहा जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार सभी महीनों में माघ मास का विशेष महत्व होता है। यह महीना दान-पुण्य, धर्म-कर्म और त्याग का महीना माना जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार यह महीना साल का ग्यारहवां महीना होता है। माघ मास के दौरान मनुष्य को कम से कम एक बार किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। आइए, अब जानते हैं इस महीने के प्रमुख त्योहार...
महीने में पूजा-अर्चना और स्नान ध्यान करने से पुण्य लाभ मिलता है
षटतिला एकादशी
- शास्त्रों के अनुसार इस माह पूजा-अर्चना और स्नान ध्यान करने से पुण्य लाभ मिलता है। माघ महीने में ही षटतिला एकादशी आती है इस दिन जल में तिल डाल कर स्नान करने की परंपरा होती है। इस दिन काले तिल से बनी हुई साम्रगी को दान किया जाता है। माना जाता है इससे कई तरह के पापों का नाश होता है।
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भीमाष्टमी के दिन स्नान-दान और पूजा-अर्चना करने से सभी तरह के पाप नष्ट हो जाते हैं
भीमाष्टमी
- इस माह में शुक्ल पक्ष अष्टमी को भीमाष्टमी कहते हैं। माना जाता है कि इस दिन भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर प्राण-त्याग किया था। मान्यता है कि इस दिन स्नान-दान और पूजा-अर्चना करने से सभी तरह के पाप नष्ट हो जाते हैं।
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छात्रों के लिए यह दिन विशेष महत्व का होता है
मौनी अमावस्या
- इस महीने कृष्ण पक्ष में मौनी अमावस्या भी आती है इसमें पूरे दिन मौन धारण करने की परंपरा होती है। साथ ही इसी महीने बसंत पंचमी भी पड़ती है। इस दिन विद्या, बुद्धि, ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। छात्रों के लिए यह दिन विशेष महत्व का होता है।