MahaShivratri 2023: शिव-पार्वती के मिलन का प्रतीक है महाशिवरात्रि, मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए करें ये उपाय
शीघ्र विवाह के लिए
यदि विवाह में बाधाएं आ रही हों तो महाशिवरात्रि के दिन किसी ऐसे मंदिर में जाएं जहां पर शिव-पार्वती की प्रतिमाएं एक दूसरे के पास बनी हो। इसके बाद लाल रंग की मौली लेकर शिव जी और माता पार्वती की परिक्रमा करते हुए सात बार मौली से दोनों के बांध दें। यदि परिक्रमा करने के लिए उपयुक्त स्थान न हो तो एक ही स्थान पर खड़े होकर भी मौली बांध सकते हैं। तत्पश्चात दोनों की संयुक्त रूप से पूजा अर्चना करें। फिर भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।
मनचाहे जीवन साथी के लिए
महाशिवरात्रि के दिन लाल रंग के वस्त्र पहनकर किसी शिव मंदिर में जाएं। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। इसके बाद माता पार्वती को सुहाग की वस्तुएं लाल चूड़ियां, लाल चुनरी, मेहंदी, बिंदी, सिंदूर, कुमकुम आदि चीजें अर्पित करें। इसके बाद माता पार्वती से प्रार्थना करें। इसके बाद रामचरितमानस में वर्णित शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग अवश्य पढ़ें। मान्यता है कि विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने और मनचाहा जीवन साथी की प्राप्ति के लिए ये पाठ बहुत ही शुभ होता है।
MahaShivratri 2023: महाशिवरात्रि के दिन करें शिव-पार्वती चालीसा का पाठ, अखंड सौभाग्य की होगी प्राप्ति
प्रेम विवाह के लिए
प्रेम विवाह के लिए महाशिवरात्रि के दिन माता पार्वती के समक्ष रामचरित मानस की इस चौपाई का पाठ करें। रामचरित मानस में ये प्रसंग बालकांड का है, जिसके अनुसार प्रभु श्री राम को देखकर सीता जी उनसे विवाह करने की कामना के लिए इस चौपाई को पढ़ते हुए मां पार्वती से भगवान राम को वर के रूप में प्राप्त करने की कामना की थी।
तौ भगवानु सकल उर बासी। करिहि मोहि रघुबर कै दासी।।
जेहि कें जेहि पर सत्य सनेहू। सो तेहि मिलइ न कछु संदेहू।।